गांव अजीतपुर की बेटी ने रचा इतिहास, प्रो रेसलिंग लीग में चयन से गांव में जश्न
अजीतपुर। खेल नगरी के नाम से पहचाने जाने वाले भिवानी जिले ने एक बार फिर अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया है। जिले के गांव अजीतपुर की होनहार पहलवान दीक्षा का चयन आगामी प्रो रेसलिंग लीग सीजन-5 और प्रतिष्ठित महाराष्ट्र केसरी प्रतियोगिता के लिए हुआ है। दीक्षा 15 जनवरी से 1 फरवरी तक आयोजित होने वाली प्रो रेसलिंग लीग में 76 किलोग्राम भार वर्ग में अपने दमखम का प्रदर्शन करेंगी। दीक्षा के इस चयन से न केवल उनके परिवार में, बल्कि पूरे गांव अजीतपुर और आसपास के क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर और एक-दूसरे को बधाई देकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया। गौरतलब है कि प्रो रेसलिंग लीग का आयोजन करीब 7 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद दोबारा शुरू किया जा रहा है। ऐसे में इस प्रतिष्ठित लीग में जगह बनाना किसी भी पहलवान के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, यह लीग दीक्षा के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
कड़ी मेहनत और अनुशासन का नतीजा
दीक्षा के चाचा बिंद्र बोस ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह चयन दीक्षा की वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने बताया कि दीक्षा बचपन से ही कुश्ती के प्रति गंभीर रही हैं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने यह भी कहा कि दीक्षा की इस सफलता में उनके कोच मंदीप का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिन्होंने तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ मानसिक रूप से भी उन्हें मजबूत बनाया।
पदकों से भरा रहा है दीक्षा का सफर
- 2021: आल इंडिया यूनिवर्सिटी - कांस्य पदक
- 2021: खेलो इंडिया - कांस्य पदक
- 2022: जूनियर नेशनल प्रतियोगिता - रजत पदक
- 2023: आल इंडिया यूनिवर्सिटी - स्वर्ण पदक
- 2023: खेलो इंडिया - कांस्य पदक
- 2023: सीनियर नेशनल प्रतियोगिता - स्वर्ण पदक
- 2024: नेशनल प्रतियोगिता - रजत पदक
- 2025: आल इंडिया प्रतियोगिता - स्वर्ण पदक
- 2025: आल इंडिया यूनिवर्सिटी - स्वर्ण पदक
- 2025: रांची में आयोजित अंडर-23 वर्ल्ड कप चैंपियनशिप झ्र कांस्य पदक
- 2025: सीनियर नेशनल प्रतियोगिता - स्वर्ण पदक
माता-पिता को है पूरा भरोसा
दीक्षा के पिता सुरेश कुमार और माता भानु प्रिया ने कहा कि बेटी ने एक बार फिर उनका सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि दीक्षा प्रो रेसलिंग लीग में भी अन्य प्रतियोगिताओं की तरह शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। दीक्षा की इस सफलता ने गांव की अन्य बेटियों को भी खेलों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। ग्रामीणों का कहना है कि दीक्षा आज सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
