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गोविन्दम देशी गाय फार्म पर मिल रहा देसी दूध, शुद्ध बिलोना घी और पारंपरिक मिठाइयों का स्वाद

 
गोविन्दम देशी गाय फार्म पर मिल रहा देसी दूध, शुद्ध बिलोना घी और पारंपरिक मिठाइयों का स्वाद

माखोसरानी (सिरसा)। आज के दौर में जब खानपान में शुद्धता और प्राकृतिक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में गांव माखोसरानी के दो किसान भाइयों ने देसी गायों के पालन और पारंपरिक डेयरी उत्पादों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है। गोविन्दम देशी काऊ फार्म की शुरुआत करीब आठ वर्ष पहले महज पांच देसी गायों से हुई थी। आज यह सफर लगभग 70 देसी गायों तक पहुंच चुका है। यह कहानी है मेहनत, आत्मविश्वास और परंपरा को आधुनिकता से जोड़ने की।

फार्म की स्थापना धर्मपाल पूनिया के पुत्र दिनेश कुमार पूनिया और पवन कुमार पूनिया ने की थी। दोनों भाई नौकरी करने के साथ-साथ खेती और डेयरी व्यवसाय को भी पूरी लगन से आगे बढ़ा रहे हैं। उनका उद्देश्य देसी गायों का संरक्षण करने के साथ उनके दूध से तैयार पारंपरिक एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद लोगों तक पहुंचाना है।

देसी गाय के दूध से तैयार शुद्धता और स्वाद का संगम

देसी गाय के दूध से तैयार शुद्धता और स्वाद का संगम

गोविन्दम देशी काऊ फार्म में देसी गाय के दूध से कई प्रकार के डेयरी उत्पाद और पारंपरिक मिठाइयां तैयार की जाती हैं। यहां मिलने वाले प्रमुख उत्पादों में शामिल हैं—

देसी गाय के दूध का पनीर – स्वाद और गुणवत्ता का खास अनुभव।

शुद्ध खोया – पारंपरिक तरीके से तैयार।

रसगुल्ला और गुलाब जामुन – देसी दूध से बनी मिठाइयां।

कलाकंद – पारंपरिक स्वाद के साथ।

बिलोना विधि से तैयार देसी घी – पारंपरिक प्रक्रिया से तैयार किया गया खास उत्पाद।

फार्म संचालकों के अनुसार, सभी उत्पादों को बिना मिलावट और शुद्धता का विशेष ध्यान रखते हुए तैयार किया जाता है। त्योहारों, पारिवारिक आयोजनों और रोजमर्रा के खानपान के लिए इन उत्पादों को एक ही स्थान पर प्राप्त किया जा सकता है।

सिर्फ डेयरी नहीं, जैविक खेती को भी दे रहे बढ़ावा

गोविन्दम देशी काऊ फार्म की खासियत केवल दूध और उससे बनने वाले उत्पादों तक सीमित नहीं है। यहां केंचुआ खाद यानी वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन भी किया जाता है। जैविक खेती और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में उपयोगी इस खाद की मांग हरियाणा के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों से भी आ रही है।

इस तरह दोनों भाई पशुपालन, डेयरी उत्पाद निर्माण और जैविक खाद उत्पादन को एक साथ जोड़कर कृषि आधारित व्यवसाय का बेहतर उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

नौकरी के साथ खेती और डेयरी का सफल मॉडल

दिनेश कुमार पूनिया और पवन कुमार पूनिया की खास बात यह है कि वे नौकरी के साथ अपने फार्म का संचालन भी कर रहे हैं। पांच देसी गायों से शुरू किया गया उनका प्रयास आज लगभग 70 गायों तक पहुंच गया है। उनका यह सफर उन युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणा है, जो परंपरागत खेती के साथ पशुपालन और कृषि आधारित स्वरोजगार को अपनाना चाहते हैं।

शुद्धता और पारंपरिक स्वाद के लिए आज ही संपर्क करें

अगर आप देसी गाय के दूध से बने पनीर, खोया, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, कलाकंद, पारंपरिक बिलोना घी या वर्मी कम्पोस्ट के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं तो गोविन्दम देशी काऊ फार्म से संपर्क कर सकते हैं।

गोविन्दम देशी काऊ फार्म

📍 गांव माखोसरानी, जिला सिरसा, हरियाणा।

ऑर्डर एवं जानकारी के लिए संपर्क करें:

📞 8561043283

📞 8285236757

गोविन्दम देशी काऊ फार्म – पांच गायों से शुरुआत, आज 70 गायों का सफर, परंपरा के साथ शुद्धता की पहचान!

प्रस्तुत विज्ञापन समाचार फार्म संचालकों द्वारा उपलब्ध करवाई गई जानकारी पर आधारित है।

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