बिना कोचिंग के हासिल की HCS में 8वीं रैंक, दूसरे प्रयास में मानवी ने पाई सफलता, अब अधिकारी बनकर करेंगी जनसेवा
हिसार की बेटी मानवी लोहान ने सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन टेस्ट सीरीज के दम पर हासिल किया मुकाम, रोजाना 8 से 10 घंटे करती थीं पढ़ाई
हिसार। अगर लक्ष्य तय हो और उसे पाने के लिए लगातार मेहनत की जाए, तो मुश्किल से मुश्किल परीक्षा में भी सफलता हासिल की जा सकती है। हिसार की मानवी लोहान ने अपनी मेहनत से इसे साबित कर दिखाया है। हरियाणा सिविल सर्विसेज (HCS) परीक्षा में मानवी ने आठवीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान में दाखिला लिए बिना सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन टेस्ट सीरीज के सहारे यह उपलब्धि हासिल की। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी कमियों को पहचाना और दोबारा तैयारी की। दूसरे प्रयास में मिली इस सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। अब मानवी अधिकारी बनकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं।
पहले प्रयास में नहीं मिली सफलता, फिर बदली तैयारी की रणनीति
हिसार के सेक्टर 9-11 की रहने वाली मानवी लोहान ने वर्ष 2023 में सिविल सर्विसेज में जाने का लक्ष्य तय किया था। इसके बाद उन्होंने परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने अपनी गलतियों को समझा और तैयारी के तरीके में जरूरी बदलाव किए।
मानवी ने कोचिंग का सहारा लेने के बजाय खुद पढ़ाई करने और ऑनलाइन टेस्ट सीरीज के माध्यम से अभ्यास करने पर ध्यान दिया। नियमित पढ़ाई, आत्मविश्वास और कमजोर विषयों पर काम करने का उन्हें फायदा मिला। आखिरकार दूसरे प्रयास में उन्होंने HCS परीक्षा में आठवीं रैंक हासिल कर ली।
मानवी का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अपनी कमजोरियों को पहचानना और उन्हें दूर करने के लिए लगातार प्रयास करना बेहद जरूरी है।
रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई कर की तैयारी
HCS परीक्षा की तैयारी के दौरान मानवी रोजाना करीब 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थीं। उन्होंने पढ़ाई में नियमितता बनाए रखी और अपने लक्ष्य के अनुसार तैयारी जारी रखी।
मानवी के अनुसार, प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए केवल घंटों तक किताबों के सामने बैठे रहना पर्याप्त नहीं है। विषयों को अच्छी तरह समझना, नियमित अभ्यास करना और अपनी गलतियों से सीखना भी जरूरी है।
पहले प्रयास में असफल रहने के बाद उन्होंने अपनी तैयारी का दोबारा आकलन किया। जिन विषयों और पहलुओं में सुधार की जरूरत थी, उन पर विशेष ध्यान दिया। इसी रणनीति के साथ उन्होंने दूसरे प्रयास में बेहतर प्रदर्शन किया।
मानवी ने बताया कि अब उन्हें UPSC परीक्षा के परिणाम का भी इंतजार है।
10वीं में 97.8 और 12वीं में मिले थे 96.4 प्रतिशत अंक
मानवी पढ़ाई में शुरू से ही अच्छी रही हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट मैरी स्कूल और ओपी जिंदल स्कूल से पूरी की। दसवीं कक्षा में उन्होंने 97.8 प्रतिशत और बारहवीं कक्षा में 96.4 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने UPSC और HCS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया।
मानवी ने पढ़ाई के दौरान विषयों को केवल याद करने के बजाय उन्हें समझने पर जोर दिया। राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र जैसे विषयों में उनकी रुचि ने सिविल सर्विसेज की तैयारी में भी मदद की।
युवाओं को दिया सफलता का मंत्र
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मानवी का संदेश है कि सबसे पहले अपना लक्ष्य तय करें और फिर पूरी लगन के साथ उसकी तैयारी में जुट जाएं। नियमित पढ़ाई के साथ अपनी कमियों को पहचानना और उन्हें सुधारना भी जरूरी है।
उनका मानना है कि एक परीक्षा में असफल होने का मतलब यह नहीं है कि आगे सफलता नहीं मिल सकती। असफलता से सीख लेकर अपनी रणनीति में सुधार करना चाहिए और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए।
मानवी ने युवाओं को पढ़ाई के साथ अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने का अभ्यास करने की सलाह भी दी। उनके अनुसार, अनुशासन, धैर्य और सही रणनीति सफलता की राह आसान बना सकते हैं।
परिवार के सहयोग को दिया सफलता का श्रेय
मानवी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, भाई, दादा और मामा सहित पूरे परिवार को दिया। उन्होंने बताया कि उनके दादा ओपी लोहान ने पढ़ाई के दौरान उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया और नोट्स तैयार करने में भी मदद की। भाई यश ने भी हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।
मानवी के पिता डॉ. जगदीप लोहान आदमपुर क्षेत्र के कोहली स्थित राजकीय मॉडल स्कूल में प्राचार्य हैं। बेटी की सफलता पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि मानवी ने अपनी मेहनत से परिवार और हिसार का नाम रोशन किया है।
पिता के अनुसार, मानवी ने अपनी रुचि के अनुसार कला संकाय के विषय चुने और उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए सिविल सर्विसेज की तैयारी की। उन्होंने पढ़ाई में रटने के बजाय विषयों को समझने पर ध्यान दिया और हमेशा अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहीं।
मानवी की मां सुमन भी बेटी की उपलब्धि से भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि मानवी नौवीं-दसवीं कक्षा से ही अपने भविष्य को लेकर गंभीर थी। परिवार ने हमेशा उसकी पढ़ाई और लक्ष्य को प्राथमिकता दी। मां को उम्मीद है कि अधिकारी बनने के बाद मानवी ईमानदारी से लोगों की सेवा करेंगी और जरूरतमंदों की मदद करेंगी।
वहीं, भाई यश लोहान ने कहा कि उन्हें अपनी बहन की उपलब्धि पर गर्व है। परिवार को विश्वास है कि मानवी भविष्य में अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाएंगी।
अधिकारी बनकर लोगों की मदद करना चाहती हैं मानवी
HCS परीक्षा में आठवीं रैंक हासिल करने वाली मानवी लोहान की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बिना कोचिंग के सेल्फ स्टडी के जरिए यह उपलब्धि हासिल की है।
मानवी का अगला लक्ष्य अधिकारी बनकर जनता की सेवा करना है। वह जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को समझकर उनकी मदद करना चाहती हैं। उनकी यह सफलता बताती है कि मजबूत इरादे, नियमित मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयास से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ा जा सकता है।

