गोगामेड़ी मेला2026:दूसरे दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, गोगाजी के भक्तों ने मंदिर में लगाई धोक
गुरू गोरख नाथ की जय,जाहरवीर की जय ,गोगापीर की जय,के गगनभेदी जयकारों से वातावरण गुंजायमान
इस वर्ष गोगामेड़ी मेले में 40लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना
चोपटा प्लस न्यूज़ । रेत व सड़को पर पेट के बल कनक दण्डवत कर पहुँच रहे लोगों की श्रद्धा देखते ही बनती है। ढोल नगाडों पर नाचते गाते डमरू व सारंगी की लय पर आगे बढते श्रद्धालू गुरू गोरख नाथ की जय,जाहरवीर की जय,गोगापीर की जय,के गगनभेदी जयकारों से वातावरण गुंजायमान कर रहे हैं। दर्शन के लिए गोगाजी मन्दिर के बाहर श्रद्धालूओ की लंबी लाईन लगी हुई है।
गुरू शिष्य परंपरा के अनुसार गोगामेडी़ आने वाले श्रद्धालु पहले गोगाजी के मंदिर से दो किलामीटर दूर गोगाणा में पवित्र तालाब में स्नान कर गुरू गोरखनाथ के धुणे पर शीश नवातें हैं। बाद में गोगामेड़ी मंदिर में पूजा अर्चना करते है। तथा प्रसाद के रूप में नारियल, खील, मिठाई, नीली ध्वजा, चद्दर, इत्र, धूप, पैसे व साने चान्दी के छत्र इत्यादि सामग्री चढाई।
गोगा जी की समाधी पर धोक लगाने के बाद श्रद्धालु नाहर सिंह, माता बाछल, रानी सिरीयल, भजू कोतवाल, रतना हाजी, सबल सिंह बावरी, केसरमल, जीतकौर, श्याम कौर, भाई मदारण का समाधियों पर धोक लगा रहे हैं। मेला परिसर में मनिहारी बाजार, लाठी बाजार ढोलक बाजार, फोटो बाजार,पुस्तक बाजार, मूर्ति बाजार, खिलौनों आदी कीे दुकानों पर खूब बिक्री हो रही है।
हनुमानगढ़ जिला प्रशासन द्वारा उठाई गिरी, जेब तराशी व अन्य असामाजिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वर्दीधारी पुलिस बल के साथ सादी वर्दी में पुरूष व महिला कर्मियों को तैनात किया। गोगामेडी़ थाना प्रभारी के नैतृत्व में समाज कंटको पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
हरियाणा की सीमा से सटे राजस्थान में साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रतीक उत्तर भारत का प्रसिद्ध गोगामेड़ी मेला शुक्रवार को विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुरू हो गया। भादरा के विधायक संजीव बैनीवाल, जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव, जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य, नोहर एसडीएम व मेला मजिस्ट्रेट सुनीता यादव, भादरा एसडीएम भागीरथ, पशुपालन विभाग और देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त गौरव सोनी ने संयुक्त रूप से एक माह तक चलने वाले इस मेले का ध्वजारोहण कर शुभारंभ किया। इस वर्ष गोगामेड़ी मेले में 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
इस अवसर पर भादरा विधायक संजीव बेनीवाल ने कहा कि प्रशासन श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुविधाएं विकसित करने का आश्वासन दिया। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बताया कि प्रशासन ने जन प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं की हैं, जिनमें बैरिकेडिंग, पानी, चिकित्सा, विद्युत, फायर ब्रिगेड और सुरक्षा शामिल हैं। मेले को लेकर अब तक 363 दुकानों की नीलामी हो चुकी है, जिससे देवस्थान विभाग को पौने चार करोड़ रुपये की आय हुई है। मनोरंजन और पार्किंग स्थलों की नीलामी प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
यह मेला 28 अगस्त से एक माह तक चलेगा। मेले की निगरानी के लिए विभाग की ओर से 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।गोगामेड़ी मेले के मद्देनजर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। मेले में कुल 932 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। एसपी बी. आदित्य ने बताया कि यातायात व्यवस्था के लिए 60 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। नोहर एसडीएम और मेला मजिस्ट्रेट सुनीता यादव ने सभी कर्मचारियों से उत्तर भारत के इस सबसे बड़े सांप्रदायिक सद्भाव के मेले के लिए मुस्तैदी से कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह मेला सौहार्द के साथ चले, यह हम सबकी जिम्मेदारी है। इस मौके पर भादरा विधायक संजीव बेनीवाल, जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव, पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य, नोहर एसडीएम व मेला मजिस्ट्रेट सुनीता यादव, भादरा एसडीएम भागीरथ, देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त गौरव सोनी और पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आनंद स्वरूप सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
हर वर्ग की आस्था का प्रतीक है गोगामेड़ी मेला
हिन्दु, मुस्लिम, प्रत्येक वर्ग व धर्म के लोगों की आस्था के प्रतीक उतर भारत के प्रसिद्व मेले गोगामेडी़ में हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, उतरप्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात व हिमाचल प्रदेश से लाखों लोग लोक देवता गोगा जी की समाधि पर धोक लगाने व सजदा करने लगे हैं। गोगा जी को हिन्दू लोग वीर के रूप में तथा मुस्लिम पीर के रूप में पूजते हैं। गोगा जी की समाधि उनके मस्जिदनुमा मंदिर में स्थित है। समाधि पर अश्वारोही गोगा जी की मूर्ति उत्र्कीण है। गुरू शिष्य परंपरा के अनुसार गोगामेडी़ आने वाले श्रद्धालु पहले गोगाजी के मंदिर से दो किलोमीटर दूर गोगाणा में पवित्र तालाब में स्नान कर गुरू गोरखनाथ के धूणे पर शीश नवातें हैं। बाद में गोगामेड़ी मंदिर में पूजा अर्चना करते है। कई भक्त पैदल व कुछ कनक दण्डवत आते है।
गोगामेड़ी का पशु मेला भी शुरू हुआ
उधर गोगामेड़ी में हर वर्ष आयोजित होने वाले पशु मेला भी शुरू हो गया है। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक ने कहा कि ऊँटों की बिक्री का कार्य शुरू हो गया है। उन्होने कहा कि पशु मेला क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी पेयजल व पशुओं के पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। ऊँट व्यापारी अपने ऊँटों के टोलों के साथ डेरा डाले हुए हैं। हरियाणा के किसान भी ऊँटों के साथ पहुंचने शुरू हो गये है। पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित मेले में हरियाणा व राजस्थान के किसान व ऊँट व्यापारी ऊँटों के साथ आते हैं।

