उत्तराखंड में हरियाणा के कांवड़ियों की गाड़ी पलटी, 25 घायल, 3 गंभीर।
सभी को एम्स ऋषिकेश में इलाज के लिए भर्ती किया गया, जहां कुछ का ऑपरेशन चल रहा है।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के कमान क्षेत्र में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब हरियाणा के रेवाड़ी जिले से गंगोत्री कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में करीब 25 कांवड़िए घायल हो गए, जिनमें से 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद सभी घायलों को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है।
पहली बार गंगोत्री जा रहे थे कांवड़िए
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेवाड़ी जिले के रामगढ़ गांव से 31 युवाओं का एक दल 16 जुलाई को गंगोत्री कांवड़ यात्रा के लिए रवाना हुआ था। आमतौर पर ये दल हर साल हरिद्वार से डाक कांवड़ लेकर आता था, लेकिन इस बार पहली बार गंगोत्री से कांवड़ लाने का निर्णय लिया गया।
कांवड़िए 19 जुलाई को गंगोत्री पहुंच गए थे और वहीं से गंगाजल लेकर वापसी की शुरुआत की। लेकिन वापसी के रास्ते में उत्तरकाशी के कमान क्षेत्र में पहाड़ी ढलान पर उनका वाहन, जो कि एक कैंटर था, ब्रेक फेल होने की वजह से पलट गया।
हादसे के कारण और चश्मदीदों की जुबानी
कांवड़ यात्रा में शामिल एक श्रद्धालु श्रवण कुमार ने बताया कि कैंटर को टपूकड़ा गांव का युवक चला रहा था। हादसे के वक्त कैंटर उत्तरकाशी से आगे पहाड़ी इलाके से गुजर रहा था। वहीं, एक अन्य कांवड़िए रवि ने बताया कि मोड़ पर तेज रफ्तार और समय पर ब्रेक न लगने के कारण गाड़ी बेकाबू होकर पलट गई।
घायलों में से अनूप, मनीष, नितिन, राहुल और विनोद को पैर में फ्रैक्चर आया है, जबकि गोविंद को सिर में चोट लगी है। इन सभी को एम्स ऋषिकेश में इलाज के लिए भर्ती किया गया, जहां कुछ का ऑपरेशन चल रहा है।
12 को हल्की चोट, कई को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी
कई अन्य कांवड़ियों को मामूली चोटें आई हैं। सहीपाल, मोनू, अनिल, आजाद, धीरज और श्रवण को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि 12 कांवड़िए ऐसे हैं, जिन्हें हल्की खरोंचें आईं और उन्होंने कोई दवाई नहीं ली।
दूसरी टीम उत्तराखंड रवाना, बोले - गंगाजल जरूर चढ़ाएंगे
हादसे की जानकारी मिलते ही रामगढ़ गांव से करीब 15 और युवा रविवार रात को ही उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए। वे एक दूसरी गाड़ी के साथ गंगाजल लेकर सोमवार को रेवाड़ी के लिए रवाना होंगे। युवाओं ने कहा कि शिवरात्रि पर शिवमंदिर में जल चढ़ाना हमारा संकल्प है, हादसा हमारे हौसले को नहीं तोड़ सकता।
कांवड़ियों की जान जोखिम में डालने वाला लापरवाह सफर
इस हादसे ने फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं कि कांवड़ यात्राओं में वाहनों की फिटनेस और ड्राइवरों की सावधानी को लेकर प्रशासन और श्रद्धालु कितने सजग हैं। श्रद्धालुओं के अनुसार यदि ड्राइवर सतर्क होता और ब्रेक की स्थिति पहले जांची होती, तो यह दुर्घटना टल सकती थी।
उत्तराखंड कांवड़ हादसा श्रद्धालु समुदाय के लिए एक चेतावनी है कि इस प्रकार की पवित्र यात्राओं में पूर्ण सतर्कता और सुरक्षा जरूरी है।
हालाँकि गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घायल कांवड़ियों को गंभीर शारीरिक नुकसान उठाना पड़ा। सभी घायल अब खतरे से बाहर हैं और उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।