हरियाणा में मूंगफली और अरंडी के प्रमाणित बीज देगी सरकार, चौपटा के किसान ऐसे करें आवेदन
हरियाणा सरकार और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने प्रदेश में तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन (NMEO-OS) योजना के तहत सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा, रानिया और ऐलनाबाद क्षेत्र के किसानों को मूंगफली और अरंडी के उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
खाद्य तेलों में देश को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के लिए कृषि विभाग ने किसानों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह बीज वितरण पूर्ण रूप से 'पहले आओ, पहले पाओ' के सिद्धांत पर आधारित होगा।
नाथूसरी चौपटा के कृषि विकास अधिकारी डॉ. शलेन्द्र सहारण ने इस योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जो भी किसान इस सीजन में मूंगफली और अरंडी की बिजाई करना चाहते हैं, उन्हें इस योजना का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले अपना पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) करवाना अनिवार्य है।
बिना पूर्व पंजीकरण के किसी भी किसान को बीज वितरित नहीं किए जाएंगे। किसानों को अपना पंजीकरण फॉर्म भरकर भट्टू रोड स्थित नाथूसरी चौपटा के कृषि कार्यालय में भौतिक रूप से जमा करवाना होगा। सीमित स्टॉक होने के कारण जो किसान पहले अपना फॉर्म जमा करवाएंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बीज दिए जाएंगे।
कृषि विभाग ने बीज वितरण में पारदर्शिता और सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम भी बनाए हैं। डॉ. शलेन्द्र सहारण ने स्पष्ट किया कि बीज वितरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कृषि विभाग के अधिकारियों और हल्का पटवारी द्वारा खेतों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इस भौतिक सत्यापन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनुदान पर मिले बीजों की बुवाई वास्तव में खेत में की गई है और इनका किसी भी प्रकार से दुरुपयोग या कालाबाजारी नहीं हो रही है।
कृषि विकास अधिकारी ने चौपटा ब्लॉक के सभी किसानों से विशेष अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण बीज वितरण योजना का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रमाणित और हाई क्वालिटी के बीजों के इस्तेमाल से फसल रोगमुक्त रहती है और पैदावार में भारी बढ़ोतरी होती है। इसलिए किसान बिना किसी देरी के जल्द से जल्द कृषि कार्यालय पहुंचकर अपना पंजीकरण फॉर्म जमा करवाएं और अपनी फसल की बिजाई का काम समय पर शुरू करें।