Haryana Beekeeping Subsidy: सिरसा के किसानों को मधुमक्खी पालन पर बिना झंझट के आसानी से मिल रहा 85% अनुदान, जाने कैसे उठाएं लाभ
सिरसा: हरियाणा के उद्यान विभाग ने 12 अप्रैल को किसानों की आय बढ़ाने के लिए मधुमक्खी पालन योजना के तहत बड़ी आर्थिक सहायता की घोषणा की है। विभाग द्वारा मधुमक्खी पालन से जुड़े विभिन्न उपकरणों और इकाइयों पर 75 से 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन मिशन के तहत साल 2030 तक 15,500 मीट्रिक टन शहद उत्पादन का बड़ा लक्ष्य रखा है। इस बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने में सिरसा जिले के किसानों की अहम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह भारी छूट दी जा रही है।
योजना के अंतर्गत मधुमक्खी बक्सों पर प्रति बक्सा 2,250 रुपये की लागत निर्धारित की गई है जिस पर किसानों को लगभग 1,707.59 रुपये का अनुदान मिलेगा। एक किसान अधिकतम 50 बक्सों तक इस योजना का सीधा लाभ ले सकता है। इसके अलावा 8 फ्रेम वाली मधुमक्खी कॉलोनी के लिए प्रति कॉलोनी 2,000 रुपये की लागत तय की गई है और इस पर करीब 1,700 रुपये प्रति कॉलोनी अनुदान दिया जाएगा। इस श्रेणी में भी अधिकतम 50 कॉलोनियों तक सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही उपकरणों की लागत 18 रुपये से लेकर 21,280 रुपये तक निर्धारित है जिसमें 11.44 रुपये से लेकर 14,250 रुपये प्रति यूनिट तक अनुदान मिलेगा।
सरकार की इस ताजा अनुदान घोषणा का सीधा संबंध पिछले महीने हुए उस बड़े फैसले से है जब हरियाणा सरकार ने पहली बार शहद को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया था। सरकार ने बाजार में शहद का मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम संरक्षित कर दिया था ताकि कीमत गिरने पर किसानों को घाटा न हो। किसान को शहद का अच्छा भाव ने मिलने के कारण उनको घाटा हो रहा था जिस कारण वो इस व्यवसाय से दूरी बना रहे थे, लेकिन अब उस जोखिम को कवर करने के बाद उद्यान विभाग ने बॉक्स और उपकरणों पर यह नया अनुदान जारी कर दिया है। इस सब्सिडी को पाने के लिए किसानों को मधुक्रांति पोर्टल और परिवार पहचान पत्र के माध्यम से अपना पंजीकरण करवाना होगा।
जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि मधुमक्खी पालन केवल अतिरिक्त आय का स्रोत नहीं है बल्कि यह फसलों के परागण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बेहतर परागण प्रक्रिया से खेत में कुल उत्पादन में सीधा इजाफा होता है जिससे किसानों को दोहरा लाभ मिलता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की यह योजना खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। इच्छुक किसान अपने नजदीकी उद्यान विभाग कार्यालय में संपर्क कर इस योजना का लाभ तुरंत उठा सकते हैं।