क्या है हरियाणा एफपीओ मिशन, किसानों को कैसे मिलेगा फायदा, यहां जाने पूरी डिटेल
रेवाड़ी। हरियाणा में किसानों को संगठित कर खेती को ज्यादा लाभकारी बनाने की दिशा में सोमवार को बड़ा कदम उठने जा रहा है। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini और केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan रेवाड़ी के बावल स्थित कृषि कॉलेज पहुंचेंगे, जहां हरियाणा एफपीओ मिशन की शुरुआत की जाएगी। दोनों नेता खेत बचाओ अभियान के समापन समारोह में भी शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान बावल क्षेत्र के लिए करीब 121 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा।
वीवीआईपी दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क है। आयोजन स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने सोमवार देर शाम तक कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
एफपीओ मिशन से छोटे किसानों को मिलेगा बड़ा सहारा
हरियाणा एफपीओ मिशन का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को एक मंच पर जोड़ना है ताकि खेती की लागत घटे और आय बढ़ सके। इस योजना के तहत 10 से 50 किसान मिलकर एक समूह बना सकेंगे और उसका पंजीकरण कराया जाएगा।
यह संगठन कंपनी अधिनियम या सहकारी समिति कानून के तहत काम करेगा। नाबार्ड और अन्य संस्थान भी इन समूहों को तकनीकी और आर्थिक सहयोग देंगे। सरकार का मानना है कि इससे छोटे किसानों की बाजार तक सीधी पहुंच मजबूत होगी।
किसान खुद तय कर सकेंगे फसल का दाम
एफपीओ मॉडल के जरिए किसान अपनी उपज की प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग भी कर सकेंगे। सरसों से तेल निकालना, मसालों की पैकेजिंग और कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग जैसे काम समूह स्तर पर किए जा सकेंगे।
इससे किसानों को केवल कच्चा माल बेचने पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। किसान अपनी फसल की कीमत तय कर सीधे व्यापारियों और बड़ी कंपनियों को बेच सकेंगे। बड़े स्तर पर उत्पादन होने से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाना भी आसान होगा।
थोक खरीद से घटेगी खेती की लागत
एफपीओ बनने के बाद किसान खाद, बीज और कीटनाशक थोक में खरीद सकेंगे, जिससे लागत कम होगी। सरकार की ओर से कृषि यंत्र, कोल्ड स्टोरेज, सोलर प्लांट और पैकेजिंग यूनिट जैसी सुविधाओं पर 50 से 90 प्रतिशत तक सब्सिडी और आर्थिक सहायता देने की योजना है।
खेती से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि समूह आधारित खेती मॉडल आने वाले वर्षों में हरियाणा के कृषि ढांचे को बदल सकता है। इससे गांव स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बावल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के दौरे को देखते हुए बावल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। आयोजन स्थल तक जाने वाले रास्तों पर 13 पुलिस नाके लगाए गए हैं।
दंगा निरोधक दस्ता, बम निरोधक दस्ता, टियर गैस स्क्वाड और वज्र वाहन की तैनाती भी की गई है। सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
लोगों के लिए पेयजल और छांव की व्यवस्था
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों और स्थानीय लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पेयजल, बिजली और छांव की विशेष व्यवस्था की है। आयोजन स्थल पर मेडिकल और आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम को लेकर सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
FAQ
हरियाणा एफपीओ मिशन क्या है?
- यह किसानों का समूह आधारित संगठन मॉडल है, जिसमें 10 से 50 किसान मिलकर पंजीकरण कराते हैं और सामूहिक रूप से खेती, खरीद और बिक्री का काम करते हैं।
किसानों को एफपीओ से क्या फायदा होगा?
- किसानों को कम लागत में खाद-बीज मिलेंगे, फसल की प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग का मौका मिलेगा और बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी।
बावल कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल होगा?
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसी दौरान 121 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की घोषणा भी होगी।