हरियाणा के किसानों को आधे रेट में मिल रही खेती की मशीनें, 15 जून से पहले करें अप्लाई

 

सिरसा। अगर आप खेती-किसानी करते हैं और नई मशीनें खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए एक शानदार मौका है। हरियाणा सरकार कृषि यंत्रों (खेती की मशीनों) पर सीधे 50 प्रतिशत की बंपर सब्सिडी दे रही है। यह भारी छूट पराली और फसल के अवशेषों को खेतों में ही मिलाने या उनका प्रबंधन करने वाली मशीनों पर मिलेगी। 

इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को 15 जून तक कृषि विभाग के पोर्टल पर अपना ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। यह योजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (2026-27) के तहत शुरू की गई है, जिसका मुख्य मकसद खेतों में पराली जलाने से रोकना और महंगे उपकरण खरीदने में किसानों की आर्थिक मदद करना है।

सहायक कृषि अभियंता विजय कुमार के मुताबिक, किसान व्यक्तिगत रूप से खेती की कई बड़ी और महंगी मशीनों पर यह अनुदान ले सकते हैं। सरकार ने इस लिस्ट में सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, सरफेस सीडर, बेलर (पराली की गांठ बनाने वाली मशीन), स्ट्रॉ रेक, सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, पैडी स्ट्रा चोपर, श्रेडर, मल्चर, श्रबमास्टर, रोटरी स्लेशर, हाईड्रोलिक रिवर्सिबल एमबी प्लॉव, जीरो टिल सीड कम फर्टीलाइजर ड्रिल और ट्रैक्टर से चलने वाले क्रॉप रिपर, लोडर व टेडर मशीन को शामिल किया है। ध्यान रहे कि एक किसान परिवार केवल किसी एक ही कृषि यंत्र के लिए अपना आवेदन लगा सकता है, इसलिए अपनी खेती की जरूरत के हिसाब से ही मशीन का चुनाव करें।

इस योजना का फायदा उठाने के लिए सरकार ने कुछ बेहद सख्त नियम भी बनाए हैं, जिन्हें जानना आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। सबसे बड़ी शर्त यह है कि अगर किसी किसान ने पिछले दो सीजन में अपने खेत में पराली या फाना जलाया है और सरकारी रिकॉर्ड में उसके नाम पर 'रेड एंट्री' हो चुकी है, तो वह इस योजना से पूरी तरह बाहर रहेगा। इतना ही नहीं, उसकी फैमिली आईडी (PPP) से जुड़ा कोई भी दूसरा सदस्य भी इस सब्सिडी का फायदा नहीं ले सकेगा। इसके साथ ही, आवेदन करने वाले किसान का 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर (खरीफ और रबी 2025-26 के लिए) पंजीकृत होना भी अनिवार्य है।

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सामान्य वर्ग (General Category) के किसानों के लिए शर्त है कि पिछले तीन सालों में उनके परिवार (PPP ID) के किसी भी सदस्य ने इन मशीनों पर कोई सरकारी अनुदान न लिया हो। वहीं, अनुसूचित जाति (SC) के किसानों को नियमों में थोड़ी राहत दी गई है; उनके लिए नियम सिर्फ इतना है कि जिस विशेष मशीन के लिए वे अब फॉर्म भर रहे हैं, उस पर पहले कभी सब्सिडी न ली हो। अगर आपको फॉर्म भरने में कोई दिक्कत आ रही है या अधिक जानकारी चाहिए, तो आप सिरसा में सहायक कृषि अभियंता के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक जाकर सीधे संपर्क कर सकते हैं।

अनुदान के लिए कैसे करें आवेदन (पूरी प्रक्रिया):

  1. सबसे पहले अपने मोबाइल या सीएससी (CSC) सेंटर से कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट agriharyana.gov.in खोलें।
  2. पोर्टल पर अपनी फैमिली आईडी (PPP) और 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' का पंजीकरण नंबर डालकर लॉग-इन करें।
  3. इसके बाद फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) योजना के तहत अपनी जरूरत की मशीन (जैसे- सुपर सीडर या बेलर) का चयन करें।
  4. अपना बैंक खाता, आधार कार्ड और खेती की जमीन का पूरा रिकॉर्ड सही-सही भरें।
  5. सारी जानकारी चेक करने के बाद फॉर्म को सबमिट कर दें और भविष्य के लिए उसकी एक रसीद (प्रिंटआउट) निकालकर अपने पास सुरक्षित रख लें।