Haryana Farming Scheme: प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ देगी सरकार
चंडीगढ़। हरियाणा में खेती-किसानी करने वालों की आमदनी बढ़ाने और मिट्टी को खराब होने से बचाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इस नई योजना के तहत जो किसान रासायनिक खाद छोड़कर प्राकृतिक (Natural) खेती अपनाएंगे, उन्हें 3 से 5 साल तक 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की आर्थिक मदद दी जाएगी। कृषि विभाग ने इसका पूरा खाका तैयार कर लिया है और जल्द ही इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है।
प्राकृतिक खेती करने पर हर साल 10 हजार रुपये का सीधा अनुदान
योजना का मुख्य फोकस 2047 तक प्रदेश की खेती का स्वरूप बदलना है। अभी हरियाणा में केवल 0.14 प्रतिशत जमीन पर प्राकृतिक खेती होती है, जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत (करीब 6.40 लाख हेक्टेयर) करने का लक्ष्य रखा गया है। जो किसान अपनी फसल और खेत का प्राकृतिक सर्टिफिकेशन करवाएंगे, उन्हें शुरुआती नुकसान से बचाने के लिए सरकार 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की सीधी सब्सिडी देगी। अब तक प्रदेश के करीब 19 हजार किसान अपनी 37 हजार एकड़ जमीन को प्राकृतिक खेती में बदलने के लिए रजिस्ट्रेशन भी करवा चुके हैं।
अब फसल बिकने की टेंशन खत्म: एआई (AI) ऐप और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग
किसानों की सबसे बड़ी समस्या सही समय पर सही भाव न मिलना होती है। इसे दूर करने के लिए कृषि विभाग एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित मोबाइल ऐप लॉन्च करेगा, जो बाजार के ताजा भाव की सटीक जानकारी फोन पर देगा। इसके साथ ही, बड़ी एग्रीबिजनेस कंपनियों और किसानों के बीच 'गारंटीड बायबैक' (फसल खरीदने की गारंटी) वाला कॉन्ट्रैक्ट मॉडल लागू किया जाएगा ताकि किसान को फसल बोने से पहले ही यह पता हो कि उसकी उपज किस भाव और कौन खरीदेगा।
फल, सब्जी और मछली पालन में मुनाफे का नया टारगेट
सरकार का जोर सिर्फ पारंपरिक फसलों पर नहीं है। बागवानी और मछली पालन के लिए नए टारगेट सेट किए गए हैं। फलों की पैदावार को 12.22 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 50 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर और सब्जियों को 17.65 से 40 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर तक ले जाने की तैयारी है। वहीं, मछली पालन से जुड़े किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उत्पादन को 7232 किलोग्राम से बढ़ाकर 30 हजार किलोग्राम प्रति हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है।
कोल्ड स्टोर बढ़ेंगे, खराब जमीन सुधरेगी और एग्री टूरिज्म को बढ़ावा
फसलें और सब्जियां खराब न हों, इसके लिए प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज की क्षमता बढ़ाई जाएगी। मौजूदा 3.82 लाख टन की क्षमता को बढ़ाकर 6 लाख टन किया जाएगा, जिससे किसान सही समय आने पर अपना माल बेच सकेंगे। इसके अलावा, प्रदेश की 11.09 प्रतिशत बंजर या खराब हो चुकी जमीन का सुधार कर उसे दोबारा खेती लायक बनाया जाएगा। गांवों में अतिरिक्त कमाई के लिए 'एग्री टूरिज्म' (कृषि पर्यटन) के पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे, जिसके लिए सरकार फंडिंग भी देगी।