सिरसा के किसानों के लिए बड़ी खबर! चना-मसूर के बीज पर मिलेगी 100% तक सब्सिडी, 20 नवंबर तक करें आवेदन
सिरसा। चना और मसूर की खेती करने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। हरियाणा कृषि विभाग की योजना के तहत प्रमाणित बीज खरीदने पर किसानों को 100 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। कुछ किस्मों के मसूर बीज पर अधिकतम 12,000 रुपये प्रति क्विंटल तक की सहायता का प्रावधान है। वहीं, चने के बीज पर भी 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। रबी सीजन 2026-27 की इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को 20 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. विनोद फोगाट के अनुसार, बीज पर मिलने वाला अनुदान उसकी किस्म और उम्र के आधार पर तय किया गया है। चने के बीज पर 50 से 75 प्रतिशत और मसूर के बीज पर 75 से 100 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। हालांकि, वास्तविक सहायता बीज की कीमत, अधिकतम निर्धारित राशि और योजना की शर्तों के अनुसार मिलेगी।
चना और मसूर के बीज पर कितना मिलेगा अनुदान?
किसानों को बीज खरीदने पर कितनी सहायता मिल सकती है, इसका विवरण नीचे दी गई सारणी में देखें।
| फसल | बीज की किस्म की उम्र | अनुदान की दर | अनुदान राशि |
| चना | 5 साल से कम पुरानी | 75% तक | ₹6,000 प्रति क्विंटल |
| चना | 5 साल से ज्यादा पुरानी | 50% तक | ₹4,000 प्रति क्विंटल |
| मसूर | 5 साल से कम पुरानी | 100% तक | ₹12,000 प्रति क्विंटल |
| मसूर | 5 साल से ज्यादा पुरानी | 75% तक | ₹9,000 प्रति क्विंटल |
ध्यान दें: 100 प्रतिशत तक अनुदान का मतलब यह नहीं है कि हर किसान को हर किस्म के बीज पर पूरी कीमत मिलेगी। अनुदान की राशि तय नियमों और अधिकतम सीमा के अनुसार निर्धारित होगी।
किसानों के लिए जरूरी जानकारी
योजना का लाभ लेने से पहले आवेदन से जुड़ी ये बातें जरूर जान लें।
आवेदन की अंतिम तारीख: 20 नवंबर 2026
ऑनलाइन आवेदन की वेबसाइट: https://agriharyana.gov.in/
किन फसलों के लिए योजना: प्रमाणित चना और मसूर के बीज
बीज की अधिकतम सीमा: एक किसान को अधिकतम 2.5 एकड़ में बुवाई के लिए बीज
सत्यापन: किसान की पात्रता और बीज की प्रामाणिकता की जांच ओटीपी के जरिए होगी।
बीज वितरण के समय: बायोमेट्रिक या चेहरे की पहचान से किसान की पुष्टि की जाएगी।
बीज कहां से मिलेगा: हरियाणा बीज विकास निगम और राष्ट्रीय बीज निगम के बिक्री केंद्रों से, निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद।
किसानों को आवेदन से पहले अपनी पात्रता, बीज की किस्म और किसान अंशदान की जानकारी कृषि विभाग से जरूर जांच लेनी चाहिए।
20 नवंबर तक ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
योजना के लिए पंजीकरण 15 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुका है। इच्छुक किसान हरियाणा कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है:
सबसे पहले https://agriharyana.gov.in/ वेबसाइट खोलें।
चना और मसूर के प्रमाणित बीज पर अनुदान से संबंधित योजना की जानकारी देखें।
पोर्टल पर मांगी गई जानकारी भरकर ऑनलाइन पंजीकरण करें।
अपनी पात्रता और बीज की प्रामाणिकता के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करें।
योजना के नियमों के अनुसार निर्धारित किसान अंशदान जमा करवाएं।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित बिक्री केंद्र से प्रमाणित बीज प्राप्त करें।
योजना के तहत केवल पंजीकरण करवा देना ही पर्याप्त नहीं है। किसान को पात्रता और सत्यापन सहित सभी जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। बीज वितरण के समय पहचान की पुष्टि भी की जाएगी।
सिरसा में 125 एकड़ में लगाए जाएंगे प्रदर्शन प्लॉट
चना और मसूर की खेती को बढ़ावा देने के लिए सिरसा जिले में कुल 125 एकड़ क्षेत्र में प्रदर्शन प्लॉट लगाए जाएंगे। इनका उद्देश्य किसानों को उन्नत बीज और खेती के बेहतर तरीकों की जानकारी देना है।
विभाग के अनुसार, चने की फसल के लिए 100 एकड़ क्षेत्र निर्धारित किया गया है। इसमें सामान्य श्रेणी के किसानों के लिए 80 एकड़ और अनुसूचित जाति के किसानों के लिए 20 एकड़ क्षेत्र रखा गया है।
वहीं, मसूर की फसल के लिए 25 एकड़ में प्रदर्शन प्लॉट लगाए जाएंगे। इनमें सामान्य श्रेणी के किसानों के लिए 20 एकड़ और अनुसूचित जाति के किसानों के लिए 5 एकड़ क्षेत्र निर्धारित किया गया है।
इन प्रदर्शन प्लॉट के माध्यम से किसानों को उन्नत किस्मों और खेती की तकनीकों के बारे में जानकारी मिलेगी। इससे उन्हें अपनी खेती में बेहतर तरीके अपनाने में मदद मिल सकती है।
किसानों को क्या होगा फायदा?
चना और मसूर के प्रमाणित बीज पर अनुदान मिलने से किसानों को बुवाई के समय बीज खरीदने के खर्च में राहत मिल सकती है। खासकर मसूर की कुछ किस्मों पर 100 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान किसानों के लिए महत्वपूर्ण है।
वहीं, सिरसा जिले में लगाए जाने वाले प्रदर्शन प्लॉट से किसानों को बेहतर बीज और खेती के नए तरीकों की जानकारी मिलेगी। इससे दलहन की खेती को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
किसान ध्यान दें: योजना का लाभ लेने के लिए 20 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करें। आवेदन करने से पहले बीज की किस्म, अनुदान की दर, पात्रता और जरूरी शर्तों की पुष्टि कृषि विभाग से जरूर कर लें। इससे आवेदन के दौरान परेशानी से बचा जा सकता है।