Big Breaking News: नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, मेडिकल स्टोर सील, लाखों नशीली गोलियां बरामद

पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए मलोट रोड स्थित मेडिकोजपर छापेमारी
 
विभाग ने अपने कब्जे में लेकर मेडिकल स्टोर को सील कर दिया

डबवाली। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए मलोट रोड स्थित सुधीर मेडिकोज पर छापेमारी की। इस दौरान नशे में प्रयुक्त होने वाली एक लाख पांच हजार से अधिक गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए। गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर मेडिकल स्टोर को तत्काल सील कर दिया गया और संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

यह कार्रवाई एएनसी स्टाफ डबवाली के प्रभारी एएसआई रणजोध सिंह और ड्रग कंट्रोल ऑफिसर सुनील कुमार के नेतृत्व में की गई। प्रारंभिक जांच में मेडिकल स्टोर से 200 टेम्पेन्टाडोल गोलियां, 45 प्रेगाबलीन कैप्सूल और 45 एलजोप्रोक्स गोलियां बरामद हुईं। इन दवाओं को ड्रग कंट्रोल ऑफिसर सिरसा ने मौके पर ही कब्जे में ले लिया।

मेडिकल संचालक कपिल, पुत्र सुधीर कुमार, निवासी वार्ड नंबर 2 मंडी डबवाली से गहन पूछताछ के बाद पुलिस टीम उसके घर भी पहुंची। वहां तलाशी के दौरान भारी मात्रा में नशीली दवाइयां बरामद हुईं। घर से 10,950 टेम्पेन्टाडोल गोलियां, 23,770 प्रेगाबलीन कैप्सूल और 70,770 एलजोप्रोक्स गोलियां मिलीं। इसके बाद पूरे स्टॉक को ड्रग कंट्रोल विभाग ने अपने कब्जे में लेकर मेडिकल स्टोर को सील कर दिया।

एएनसी प्रभारी एएसआई रणजोध सिंह ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि मेडिकल स्टोर की आड़ में नशा बेचने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार मेडिकल एसोसिएशन और दवा विक्रेताओं से संपर्क में है और उन्हें नियमों के अनुसार दवाइयों की बिक्री करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि आमजन की मदद से नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए। अधिकारियों ने यह भी बताया कि कुछ नशीली गोलियां एनडीपीएस एक्ट में शामिल नहीं हैं, जिसका गलत फायदा उठाकर इन्हें नशे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ यह अभियान पूरे जिले में लगातार जारी रहेगा। जो भी मेडिकल संचालक या तस्कर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई नशे पर अंकुश लगाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।