डबवाली मर्डर मिस्ट्री: बच्चे को 100 रुपये देकर घर से निकाला, फिर बंद कमरे में कर दी महिला की हत्या

बड़ी कार्रवाईः मंडी डबवाली में महिला की हत्या मामले का त्वरित खुलासा
 
 

डबवाली में एक महिला की हत्या का पुलिस ने चंद घंटों के भीतर खुलासा कर दिया है। शहर के वार्ड नंबर 15 स्थित खटीक मोहल्ला में 6 मार्च की रात हुई महिला की हत्या के मामले में थाना शहर पुलिस और सीआईए स्टाफ की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान कबीर बस्ती निवासी विक्रम के रूप में हुई है, जिसने पैसों के लेन-देन के विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) कपिल अहलावत ने शनिवार को प्रेसवार्ता में इस मामले की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे पुलिस कंट्रोल रूम को खटीक मोहल्ला में हत्या की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही थाना शहर प्रभारी देवीलाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। मृतका के भाई राजू की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (1) और 332 (2) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

बच्चे को 100 रुपये देकर भेजा बाहर, फिर की हत्या

पुलिस जांच और मृतका के भाई राजू के बयान के अनुसार, उसकी बहन की शादी 12 साल पहले हनुमानगढ़ में हुई थी, लेकिन पिछले दो-तीन साल से वह डबवाली में किराए के मकान में रह रही थी। घटना वाली रात करीब 8 बजे आरोपी विक्रम महिला के घर आया। उसने मृतका के बेटे को अपना मोबाइल दिया और खुद घर के अंदर चला गया। कुछ देर बाद विक्रम बाहर आया और बच्चे को 100 रुपये देकर कुछ खाने के लिए घर से बाहर भेज दिया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। जब बच्चा वापस लौटा तो उसने अपनी मां को घर के अंदर मृत अवस्था में पाया।

सीआईए और थाना पुलिस का जॉइंट एक्शन, रिमांड पर पूछताछ की तैयारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सीआईए स्टाफ प्रभारी सब-इंस्पेक्टर राजपाल और थाना शहर की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर घटना की गहन जांच की। प्रारंभिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी विक्रम का महिला के घर काफी समय से आना-जाना था और पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के कारण उसने इस हत्याकांड को अंजाम दिया।

डीएसपी अहलावत ने बताया कि पुलिस आरोपी विक्रम को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी, ताकि वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार और मृतका का गायब मोबाइल बरामद किया जा सके। पुलिस जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गंभीर अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।