हिसार के स्कूल में शर्मनाक क्रूरता! छात्राओं को 'मुर्गा' बनाकर चलाया
हरियाणा के हिसार जिले से एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक राजकीय हाई स्कूल में अनुशासन के नाम पर छात्राओं को 'मुर्गा' बनाकर स्कूल के कॉरिडोर में घुमाया गया। इस अमानवीय सजा के तीन वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की शिकायत मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने जांच कमेटी गठित कर दी है, जिसे तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
वीडियो देख खौल उठेगा खून
वायरल हो रहे इन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ छात्राएं लाइन में लगकर 'मुर्गा' बनी हुई हैं और उसी हालत में आगे बढ़ने को मजबूर हैं। वीडियो में बच्चियां बड़ी मुश्किल से कॉरिडोर में चलती हुई दिखाई दे रही हैं। स्कूल के अंदर इस तरह का अमानवीय सलूक देखकर हर किसी का गुस्सा फूट पड़ा है।
महिला आयोग पहुंची शिकायत
इस क्रूरता के खिलाफ डीईओ कार्यालय के साथ-साथ राज्य महिला आयोग को भी ई-मेल के जरिए लिखित शिकायत भेजी गई है। सुरक्षा कारणों से शिकायतकर्ता ने अपना नाम गुप्त रखा है। उनका साफ कहना है कि यह वीडियो बिल्कुल असली है और इसे किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से नहीं बनाया गया है।
3 दिन में मांगी गई रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीईओ ने डिप्टी डीईओ की अध्यक्षता में एक टीम बना दी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि यह घटना किस दिन और किस क्लास में हुई। कमेटी इस बात की भी गहराई से पड़ताल करेगी कि आखिर छात्राओं को ऐसी शर्मनाक सजा देने का आदेश किस शिक्षक ने दिया था।
'बेटी बचाओ' के दावों पर सवाल
शिकायतकर्ता ने सीधे तौर पर सिस्टम की पोल खोली है। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा देकर बेटियों को आगे बढ़ाने का दम भरती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में उन्हें इस तरह जलील किया जा रहा है। लड़कियों को मुर्गा बनाना उनके सम्मान और समानता के अधिकार पर सीधा हमला है।
अब देखना यह है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट में क्या सच सामने आता है और स्कूल के अंदर बेटियों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाले उन असली दोषियों पर क्या सख्त कार्रवाई होती है, या फिर यह मामला भी बस कागजी जांच बनकर रह जाएगा।