जीवनभर धन-दौलत की नहीं रहेगी कमी, ज्येष्ठ माह में इनमें से कोई एक चीज करें दान।

इस माह के दौरान जल दान करने का खास महत्व होता है।

 
ज्येष्ठ माह में जल का दान किया जाए, तो इससे व्यक्ति के पुण्य प्राप्त होता है

वैशाख के बाद ज्येष्ठ का महीना शुरू हो गया  है। इस दौरान गर्मी बहुत ज्यादा पड़ती है। ऐसे में ज्येष्ठ माह में जल का दान करना बहुत  ही शुभ माना जाता है। मान्यता है कि प्यासे को पानी पिलाने से पुण्य प्राप्त होता है।

शास्त्रों में कुछ अन्य चीजों का भी वर्णन किया गया है जिनका दान इस महीने में करना विशेष रूप से फलदायी होता है। इससे व्यक्ति को जीवनभर धन-दौलत की कमी नहीं होती है और अगले जन्म में व्यक्ति धन संपन्न होता है।

वैशाख के बाद ज्येष्ठ माह की शुरुआत हो जाती है, जिसे हिंदू पंचांग का तीसरा महीना भी कहा जाता है। ज्येष्ठ के महीने में बहुत ही भीषण गर्मी पड़ती है। ऐसे में शास्त्रों में बताया गया है कि इस दौरान व्रत और दान करने का खास महत्व होता है। मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार, ज्येष्ठ माह के दौरान गलती से भी जल व्यर्थ नहीं करना चाहिए।

इस महीने में जल से जुड़े दो त्योहार गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी भी आती है। शास्त्रों में बताया गया है कि अगर ज्येष्ठ माह के दौरान व्यक्ति कुछ खास चीजों का दान करे, तो इससे उसके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। साथ ही, जीवनभर दान का लाभ प्राप्त होता है। ज्येष्ठ माह में जल का दान करने से पुण्य  प्राप्त होगा । 

ज्येष्ठ के महीने में जरूरतमंद और प्यासे को जल पिलाने से बेहद शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस माह के दौरान जल दान करने का खास महत्व होता है।

शास्त्रों में बताया गया है कि अगर ज्येष्ठ माह में जल का दान किया जाए, तो इससे व्यक्ति के पुण्य प्राप्त होता है और जीवन में आने वाली समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। भीषण गर्मी के दौरान किसी प्यासे को जल पिलाने से सूर्य देवता भी प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा जातक पर बनी रहती है। ऐसे में व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता आती है।

ज्येष्ठ माह में ये फल दान करने से जीवनभर मिलेगा लाभ

ऐसा माना जाता है कि ज्येष्ठ माह में गरीबों और जरूरतमंदों को मौसमी फल जैसे- ककड़ी, खीरा, तरबूज और खरबूज आदि का दान करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति तो जीवनभर किसी भी चीज की कमी नहीं होती है और घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहती है।

इन चीजों का दान करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा से आपको जीवन के दुखों से निजात मिल सकती है। शास्त्रों में बताया गया है कि अगर कोई व्यक्ति ज्येष्ठ माह में ककड़ी, खीरा, तरबूज आदि का दान करता है तो इससे मृत्यु के बाद यम मार्ग में मिलने वाले कष्टों से उसे छुटकारा मिल सकता है।