देसी नस्ल की गाय का पालन करें किसान
भारतीय संस्कृति की धरोहर है देसी गाय, जर्सी गाय के दूध को बताया स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
सिरसा के साहुवाला गांव में आयोजित भंडारे में साध्वी पूषा भारती ने देसी गायों के संरक्षण और उनके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में पहले 37 प्रकार की देसी गायों की नस्लें पाई जाती थीं जैसे:
- साहीवाल – पंजाब
- गीर – गुजरात
- थारपारकर – राजस्थान
- हरियाणवी – हरियाणा
आज ये प्रजातियां धीरे-धीरे विलुप्त हो रही हैं, क्योंकि किसान विदेशी नस्ल जैसे जर्सी गाय को प्राथमिकता दे रहे हैं।
जर्सी गाय का दूध: स्वास्थ्य के लिए खतरा
साध्वी पूषा भारती ने एक शोध का हवाला देते हुए बताया कि न्यूजीलैंड के वैज्ञानिकों की रिपोर्ट और पुस्तक "Devil in the Milk" के अनुसार:
- जर्सी गाय के दूध में पाया जाता है बीसीएम-7 नामक तत्व
- यह तत्व मानव शरीर में अनेक बीमारियों को जन्म देता है
- देसी गाय के दूध में ऐसा कोई तत्व नहीं होता और यह आरोग्य वर्धक माना जाता है
कामधेनु गौशाला: संरक्षण की दिशा में एक कदम
आशुतोष महाराज द्वारा पंजाब के नूरमहल में स्थापित कामधेनु गौशाला पिछले 20 वर्षों से देसी गायों के संरक्षण का कार्य कर रही है। यहां पांच नस्लों की गायों का पालन-पोषण और संवर्धन किया जा रहा है। संस्था किसानों को भी इन गायों को सौंप रही है।
गाय के संपर्क से मिलती है सात्विक ऊर्जा
साध्वी पूषा भारती ने बताया:
- बीमार व्यक्ति अगर देसी गाय की सेवा करता है या उसे छूता है तो गाय से निकलने वाली सात्विक किरणें स्वास्थ्य को लाभ देती हैं
- "मां" शब्द की उत्पत्ति भी गाय के बछड़े की आवाज से हुई है, ऐसा शास्त्रों में उल्लेखित है
किसानों से अपील: देसी गाय को अपनाएं
साध्वी ने किसानों से आग्रह किया कि वे देसी गायों का पालन करें और भारतीय संस्कृति की इस अमूल्य धरोहर को बचाएं। उन्होंने कहा कि "गौमाता की सेवा, राष्ट्र सेवा के समान है।"
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
देसी गाय और जर्सी गाय में क्या अंतर है?
उत्तर: देसी गाय भारत की मूल प्रजाति है, जिसमें A2 दूध होता है जो स्वास्थ्यवर्धक है। जर्सी विदेशी नस्ल की गाय है और इसके दूध में बीसीएम-7 तत्व होता है, जो हानिकारक हो सकता है।
क्या देसी गाय का दूध स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है?
उत्तर: हां, देसी गाय का दूध पचाने में आसान होता है, यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और शरीर को सात्विक ऊर्जा प्रदान करता है।
कामधेनु गौशाला क्या है?
उत्तर: यह आशुतोष महाराज द्वारा स्थापित संस्था है जो नूरमहल, पंजाब में देसी नस्ल की गायों के संरक्षण और संवर्धन के लिए काम करती है।
किसान देसी गाय क्यों पालें?
उत्तर: देसी गायें स्वास्थ्यप्रद दूध देती हैं, भारतीय जलवायु में टिकाऊ होती हैं और जैविक खेती में उपयोगी गोमूत्र व गोबर प्रदान करती हैं।