ABC ID for Students: नई शिक्षा नीति के तहत हर छात्र की बनेगी ABC आईडी, कोर्स के बीच में बदल सकेंगे कॉलेज।
नई शिक्षा नीति के तहत छात्रों का शैक्षणिक क्रेडिट रेकॉर्ड रखने के लिए अकैडमिक बैंक क्रेडिट (एबीसी) आईडी तैयार कराई गई है। दूसरी यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने के लिए भी छात्रों के उनके एकैडिमक क्रेडिट काम आएंगे। इस बारे में फरीदाबाद के स्कूलों की ओर से तैयारी भी की जा रही है।
इससे पहले सालों में छात्रों ने जो अकैडमिक क्रेडिट स्कोर प्राप्त किया है, वह दूसरी यूनिवर्सिटी में भी कंटिन्यू रह सकेगा। इसके लिए नई शिक्षा नीति के तहत दाखिला लेने वाले छात्रों की अकैडमिक बैंक क्रेडिट (ABC) आईडी तैयार की गई है। फरीदाबाद में नए शिक्षा नीति के तहत जिन छात्रों ने पिछले साल फर्स्ट ईयर में दाखिला लिया था, उनकी एबीसी आईडी तैयार करा दी गई है।
डॉ. सुनील शर्मा, प्रोफेसर, राजकीय कॉलेज खेड़ी गुजरान का कहना है, 'एनईपी के तहत पढ़ाई कर रहे छात्रों की एबीसी आईडी तैयार कराई गई है। इसमें छात्रों के अकैडमिक क्रेडिट स्कोर जुड़े हुए हैं। छात्र किसी दूसरी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेते हैं, यह आईडी उस यूनिवर्सिटी से जुड़ जाएगी और वह छात्र के क्रेडिट वहां भी जारी रह सकेंगे।'
नई शिक्षा नीति (NEP) लागू की गई
दरअसल पुरानी शिक्षा नीति के तहत ग्रैजुएशन कोर्स तीन साल का होता था। इस कोर्स के दौरान छात्र एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में तो अपना माइग्रेशन करा सकते थे, लेकिन यूनिवर्सिटी नहीं बदल सकते थे। बीच कोर्स में दूसरी यूनिवर्सिटी में जाने पर उनका पहला अकैडमिक स्कोर बेकार हो जाता था। अब नई शिक्षा नीति (एनईपी) लागू की गई है, जिसके तहत छात्रों के पास मल्टीपल एंट्री व एग्जिट का विकल्प है।
एनईपी के तहत ग्रैजुएशन कोर्स चार साल का कर दिया गया है और छात्र एक साल का कोर्स करने के बाद भी पढ़ाई छोड़ सकता है और किसी दूसरी यूनिवर्सिटी में जाकर आगे की पढ़ाई जारी रख सकता है। इसके लिए छात्रों का अकैडमिक रेकॉर्ड मेंटेन करने के लिए एक एबीसी आईडी तैयार की गई है।
एबीसी आईडी छात्रों का डिजिटल स्कोर हाउस
इसमें साल में छात्रों की तरफ से ली गई क्लास, ट्यूटोरियल, प्रैक्टिकल, लैब वर्क व इंटरर्नशिप आदि का रेकॉर्ड मेंटेन होगा। इन सब चीजों में हिस्सा लेकर छात्रों को एक मिनिमम स्कोर हासिल करना होगा, जो उनकी अकैडमिक बैंक क्रेडिट आईडी से जुड़ जाएगा।
ऐसे में जब छात्र बीच कोर्स में एक यूनिवर्सिटी को छोड़कर दूसरी यूनिवर्सिटी में जाएगा, तो उसका क्रेडिट आईडी दूसरी यूनिवर्सिटी में जारी रहेगी, जिससे उसे वहां पर दाखिले में सहूलियत होगी।
एक तरह से देखा जाए तो एबीसी आईडी छात्रों का डिजिटल स्कोर हाउस है। इसमें छात्र ने जिस-जिस भी संस्थान में जो पढ़ाई की है, उसका लेखा-जोखा, उसका प्रदर्शन और मुख्य रूप से स्टूडेंट की तरफ से अर्न किए गए क्रेडिट होते हैं।