खण्ड शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश टोक्सिया का कागदाना में जोरदार स्वागत, पदोन्नति पर सम्मान समारोह आयोजित
खण्ड शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश टोक्सिया का कागदाना में जोरदार स्वागत
चोपटा: राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कागदाना में खण्ड शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश टोक्सिया की पदोन्नति के उपलक्ष्य में विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। पदोन्नति प्राप्त करने के बाद ओमप्रकाश ने खंड शिक्षा अधिकारी, भट्टू कलां के पद पर कार्यभार ग्रहण किया।
इस अवसर पर ओमप्रकाश अपने परिजनों के साथ कागदाना पहुंचे। वे पहले भी विद्यालय के डीडीओ रह चुके हैं और उनके कार्यकाल में विद्यालय को निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त हुआ। उनके योगदान के चलते विद्यालय का शैक्षणिक और प्रशासनिक माहौल हमेशा सुदृढ़ रहा है।
सम्मान समारोह में कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। इनमें खण्ड शिक्षा अधिकारी सतबीर सिंह ढीढारिया, ग्राम पंचायत जसानिया के सरपंच राजेन्द्र टोक्सिया, श्री जगदीश भाम्भू, डॉ. धर्मपाल गढ़वाल, राजबीर सिंह, पूर्व प्रधान ताराचंद घोटड सहित अनेक नागरिक और उनके परिवारजन उपस्थित रहे।
विद्यालय प्रभारी सुनील बेनीवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए ओमप्रकाश को स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने अपने संबोधन में विद्यालय संचालन में उनके सहयोग, अनुशासन और मार्गदर्शन की सराहना की और आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी उनका मार्गदर्शन ब्लॉक भट्टू के साथ-साथ विद्यालय परिवार के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
इस अवसर पर विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्यों ने खण्ड शिक्षा अधिकारी को नई जिम्मेदारी संभालने के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। समारोह में श्याम सुंदर सैनी, राजीव कुमार बेनीवाल, अजय कुमार नेहरा, कृष्ण कुमार, राखी ललित, मोहन लाल, नरेश कुमार, सतबीर सिंह, निर्मला, सुरेंद्र, राजेश, भीम सिंह, सीमा देवी और मांगेराम सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
सम्मान समारोह सौहार्दपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस दौरान खण्ड शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश टोक्सिया ने उपस्थित सभी लोगों को भविष्य में आगे बढ़ने का हौसला दिया और अपना आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनका लक्ष्य हमेशा बच्चों और विद्यालयों को सही दिशा देना रहेगा।
विद्यालय परिवार ने इस समारोह के माध्यम से ओमप्रकाश टोक्सिया के योगदान को सराहा और उनकी नई जिम्मेदारी की शुरुआत को सफल बनाने की कामना की। यह कार्यक्रम स्थानीय प्रशासन और विद्यालय समुदाय के बीच सौहार्द और सहयोग की भावना को भी मजबूत करने वाला साबित हुआ।