करियर क्लैरिटी: जानें 12वीं के बाद कैसे शुरू करें UPSC की तैयारी; एग्रीकल्चर स्ट्रीम के छात्रों के लिए भी,सुनहरे मौके।

UPSC में किसी भी विषय से ग्रेजुएशन किया जा सकता है
 
MSc और PhD के बाद रिसर्च फील्ड या एग्री-स्टार्टअप एक उज्जवल करियर बन सकता है।

Chopta plus: 12वीं के बाद करियर को लेकर हर छात्र के मन में कई सवाल होते हैं। खासकर जो विद्यार्थी सिविल सर्विसेस (UPSC) की तैयारी करना चाहते हैं, उन्हें सही दिशा में शुरुआत करना बहुत जरूरी होता है। वहीं, एग्रीकल्चर विषय से पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी UPSC सहित कई बेहतरीन अवसर मौजूद हैं, जिन्हें जानना जरूरी है।

इस लेख में हम बताएंगे कि 12वीं के बाद UPSC की तैयारी कैसे शुरू करें और एग्रीकल्चर बैकग्राउंड वालों के लिए कौन-कौन से करियर ऑप्शन हैं।

12वीं के बाद UPSC की तैयारी की सही रणनीति

1. सही टाइम पर शुरुआत करें:

अगर आप IAS, IPS, IFS जैसे पदों का सपना देख रहे हैं तो 12वीं के तुरंत बाद से ही बेस तैयार करना फायदेमंद रहता है। इस समय आपको NCERT की बुक्स (6वीं से 12वीं तक) से शुरुआत करनी चाहिए, खासकर इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र की किताबों से।

2. ग्रेजुएशन का चुनाव सोच-समझकर करें:

UPSC में किसी भी विषय से ग्रेजुएशन किया जा सकता है, लेकिन अगर आप सोच-समझकर Humanities या एग्रीकल्चर जैसे विषय चुनते हैं, तो UPSC में वैकल्पिक विषय (Optional Subject) के रूप में उसका फायदा मिल सकता है।

3. करेंट अफेयर्स पर रखें फोकस:

UPSC की तैयारी में करेंट अफेयर्स की भूमिका बहुत अहम होती है। रोज़ाना अखबार पढ़ने की आदत डालें खासकर ‘The Hindu’ या ‘Indian Express’। इसके साथ-साथ PIB और Yojana जैसी सरकारी वेबसाइट्स से जानकारी लेते रहें।

4. समय प्रबंधन और रूटीन बनाना सीखें:

12वीं के बाद जब आपके पास थोड़ा समय होता है, तो उसे बेहतर तरीके से मैनेज करना सीखें। एक निश्चित स्टडी प्लान बनाएं जिसमें रोज़ाना कुछ घंटे General Studies, करेंट अफेयर्स और बुनियादी विषयों के लिए हों।

5. मॉक टेस्ट और नोट्स की आदत डालें:

शुरुआत में ही नोट्स बनाना और मॉक टेस्ट देना शुरू करें। इससे परीक्षा पैटर्न की समझ बढ़ेगी और आत्ममूल्यांकन भी हो सकेगा।

एग्रीकल्चर की पढ़ाई करने वालों के लिए UPSC और अन्य मौके

1. UPSC में एग्रीकल्चर एक मजबूत विकल्प:

यदि आप B.Sc Agriculture करते हैं तो आप UPSC में एग्रीकल्चर को अपने वैकल्पिक विषय के रूप में चुन सकते हैं। यह स्कोरिंग विषय माना जाता है, बशर्ते तैयारी गहरी हो।

2. Indian Forest Service (IFoS):

अगर आपने एग्रीकल्चर विषय से स्नातक किया है तो आप UPSC की IFoS परीक्षा में बैठ सकते हैं। यह परीक्षा भी UPSC द्वारा कराई जाती है और इसमें एग्रीकल्चर एक कोर विषय है।

3. सरकारी नौकरियां – NABARD, FCI, ICAR:

एग्रीकल्चर स्टूडेंट्स के लिए NABARD (National Bank for Agriculture and Rural Development), FCI (Food Corporation of India), और ICAR (Indian Council of Agricultural Research) जैसी संस्थाओं में अनेकों नौकरियों के अवसर होते हैं।

4. कृषि उद्यमिता और रिसर्च:

जो छात्र रिसर्च या स्टार्टअप में रुचि रखते हैं, उनके लिए एग्रीकल्चर में MSc और PhD के बाद रिसर्च फील्ड या एग्री-स्टार्टअप एक उज्जवल करियर बन सकता है।

5. राज्य सेवाएं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं:

हर राज्य में कृषि अधिकारी, पंचायत अधिकारी, या कृषि विकास अधिकारी जैसी पदों के लिए परीक्षाएं होती हैं। इसके लिए भी B.Sc Agriculture की डिग्री मान्य होती है।