शिक्षा: औद्योगीकरण  (Industrialisation) पर संक्षिप्त टिपण्णी करें।  

18वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में ब्रिटेन में एक विशेष प्रकार की क्राति हुई, जो औद्योगिक क्रांति कहलाती है।
 
औद्योगीकरण ने मजदूर संघ के विकास में अपना प्रमुख योगदान दिया है,

chopta plus: औद्योगीकरण एक प्रकार के सैद्धांतिक परिवर्तन अथवा प्रकृक्ति के अवबोधन में एक भिन्न अभिवृष्टि से भी संबंध रखता है। जबकि सैद्धांतिक परिवर्तन का प्रमुख कारण औद्योगीकरण है।

जी.एस. फोस्टर के अनुसार, 'तकनीकी विकास वास्तव में एक जटिल प्रक्रिया है, यह केवल भौतिक और तकनीकी सुधारों की प्रत्यक्ष स्वीकृति नहीं है। यह एक सांस्कृतिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया को भी जाता है।

इसलिए कुछ लेखक सामाजिक तकनीकी विकास शब्द का प्रयोग करना अधिक उपयुक्त समझते हैं। भारत ने भी विकास के प्रतिमानों को स्वीकार किया है। आधुनिकीकरण जिसका आगमन औद्योगीकरण के साथ-साथ हुआ।

इसने भारतीय समाज को अत्यधिक प्रभावित किया है। औद्योगीकरण ने मजदूर संघ के विकास में अपना प्रमुख योगदान दिया है, जिनसे नियोजक-मजदूर संबंधों पर भी प्रभाव पड़ा है।

कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा, सामाजिक कल्याण और हितो की रक्षा पर भी ध्यान दिया गया है। इसीलिए सरकार को कानून निर्मित करना पड़ा। 18वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में ब्रिटेन में एक विशेष प्रकार की क्राति हुई, जो औद्योगिक क्रांति कहलाती है। इसका संबंध उत्पादन के तरीकों से था।

मनुष्य ने अपने औजारों में परिवर्तन किया। पहले औजार आदिम समय में होते थे। अब नई-नई मशीनों का अविष्कार हुआ। औद्योगीकरण अर्थव्यवस्था और समाज में हर पहलू को सनेटे एक इतनी व्यापक दृश्यघटना थी कि इसके समय, गति, कारणों एवं निष्कर्षों के विषय में बहस के लिए हमेशा गुंजाइश बनी रहेगी।

प्रस्तुत इकाई में हम औद्योगीकरण की प्रक्रिया और समाज में होने वाले परिवर्तनों को समझने का प्रयास करेंगे।