हरियाणा की चिराग योजना में बड़ा बदलाव, अब 8 लाख आय वाले परिवारों के बच्चों को भी मिलेगा प्राइवेट स्कूल में दाखिला

चिराग योजना 2026: अब 8 लाख आय वाले परिवारों के बच्चों को भी प्राइवेट स्कूल में मिलेगा दाखिला, आवेदन 13 मार्च से
 
 

हरियाणा में मध्यम और कम आय वर्ग के परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी चिराग योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस योजना के तहत अब ऐसे परिवार भी अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा सकेंगे जिनकी सालाना आय फैमिली आईडी (PPP) में 8 लाख रुपये तक है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए आवेदन से लेकर दाखिले तक का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है।

पात्रता में बड़ा बदलाव, अब 8 लाख रुपये तक आय वाले परिवार भी शामिल

चिराग योजना में इस बार सबसे बड़ा बदलाव इसकी पात्रता शर्तों में किया गया है। पहले यह योजना बहुत ही कम आय वाले परिवारों तक सीमित थी, लेकिन अब सरकार ने आय सीमा बढ़ाकर 8 लाख रुपये सालाना कर दी है।

इस बदलाव के बाद मध्यम वर्गीय परिवार भी योजना का लाभ ले सकेंगे। ऐसे अभिभावक जो अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना चाहते थे लेकिन भारी फीस के कारण ऐसा नहीं कर पा रहे थे, उनके लिए यह राहत भरा कदम माना जा रहा है। योजना के तहत बच्चों की फीस का एक बड़ा हिस्सा सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा।

आवेदन से दाखिले तक पूरा शेड्यूल जारी

शिक्षा विभाग ने चिराग योजना के तहत दाखिले की पूरी समय-सारिणी जारी कर दी है। इसके अनुसार आवेदन प्रक्रिया 13 मार्च 2026 से शुरू होगी और 30 मार्च 2026 तक चलेगी।

इसके बाद 1 से 3 अप्रैल 2026 के बीच लकी ड्रा निकाला जाएगा। चयनित विद्यार्थियों के लिए दाखिला प्रक्रिया 1 से 15 अप्रैल 2026 तक चलेगी, जबकि 16 से 30 अप्रैल 2026 के बीच वेटिंग लिस्ट के आधार पर दाखिले किए जाएंगे।

कक्षा 6 से 12 तक मिलेगा प्रवेश, ये दस्तावेज जरूरी

चिराग योजना के तहत मुख्य रूप से कक्षा छठी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। इसके लिए छात्र का पिछले शैक्षणिक वर्ष में सरकारी स्कूल से पास होना अनिवार्य है।

आवेदन करते समय अभिभावकों को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा कराने होंगे, जिनमें परिवार पहचान पत्र (Family ID), आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, पिछली कक्षा का स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (SLC) और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आय सीमा बढ़ाने का फैसला निजी और सरकारी शिक्षा के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को बेहतर संसाधनों वाले स्कूलों में पढ़ने का अवसर मिलेगा।

साथ ही अभिभावकों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले उन स्कूलों की सूची जरूर देख लें जो इस योजना के तहत रजिस्टर्ड हैं, क्योंकि केवल मान्यता प्राप्त और सहमति देने वाले निजी स्कूलों में ही चिराग योजना के तहत दाखिले किए जाते हैं।