हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री पर सख्ती, प्रिंसिपल की लिखित अनुमति के बिना नहीं मिलेगा प्रवेश

 

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अब बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर सख्ती बरती जाएगी। नए निर्देशों के मुताबिक, बिना अनुमति कोई बाहरी व्यक्ति स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। स्कूल आने वाले व्यक्ति को पहले विजिटर रजिस्टर में अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी और इसके बाद प्रिंसिपल की लिखित अनुमति लेनी होगी।

निर्देशों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की फोटो-वीडियो बनाने, इंटरव्यू लेने, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग को लेकर भी पाबंदियां बताई गई हैं। यह फैसला स्कूल परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा, निजता और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

स्कूल में एंट्री के लिए क्या करना होगा?

बाहरी व्यक्ति को स्कूल पहुंचने पर सबसे पहले विजिटर रजिस्टर में एंट्री करनी होगी। इसके बाद स्कूल प्रिंसिपल से अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

निर्देशों के मुताबिक, बाहरी व्यक्ति को कक्षा, लैब, लाइब्रेरी, टॉयलेट और खेल मैदान जैसे स्थानों पर स्वतंत्र रूप से जाने की अनुमति नहीं होगी।

फोटो-वीडियो और लाइव स्ट्रीमिंग पर भी रोक

स्कूल परिसर में विद्यार्थियों और शिक्षकों की फोटो-वीडियो बनाने, इंटरव्यू लेने, ऑडियो रिकॉर्ड करने तथा लाइव स्ट्रीमिंग को भी अनुमति से जोड़ा गया है। खासतौर पर विद्यार्थियों से जुड़ी सामग्री के मामले में स्कूल प्रशासन की अनुमति जरूरी होगी।

इसका असर स्कूलों में मीडिया कवरेज और अन्य बाहरी गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। हालांकि शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने मीडिया को लेकर कहा है कि पत्रकारों को पता है कि उन्हें कितनी और किस तरह की कवरेज करनी है। उनका जोर विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्कूलों में अनधिकृत प्रवेश रोकने पर है।

नियम तोड़ने पर पुलिस को सूचना देने के निर्देश

रिपोर्ट के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति इन निर्देशों का उल्लंघन करता है तो स्कूल प्रशासन को पुलिस को सूचना देने के लिए कहा गया है। आदेश में BNS, POCSO, JJ Act और IT Act के तहत कार्रवाई का उल्लेख भी किया गया है।

हालांकि, इन कानूनी प्रावधानों की सटीक लागू होने की स्थिति और संबंधित आदेश की मूल प्रति को आधिकारिक विभागीय दस्तावेज से मिलान करना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों में इन प्रावधानों का उल्लेख है, लेकिन इस रिपोर्टिंग के समय संबंधित हरियाणा शिक्षा विभाग का मूल आदेश सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक स्रोत से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सका।

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने क्या कहा?

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि गांव के स्कूल देश की धरोहर हैं और किसी भी व्यक्ति को बिना जिम्मेदार लोगों को साथ लिए स्कूल में जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षा का सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी बच्चे के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।

मंत्री ने स्कूलों में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC), पंचायत और गांव के जिम्मेदार लोगों के साथ संवाद करने पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि स्कूल की किसी कमी को सामने लाने के बजाय उसे दूर करने की दिशा में भी प्रयास होना चाहिए।