हरियाणा की आईटीआइ होंगी अपग्रेड, 2892 करोड़ की पीएम-सेतु योजना को मंजूरी
हरियाणा सरकार ने पीएम-सेतु (प्रधानमंत्री स्किल एंड इंप्लायबिलिटी ट्रांसफार्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आइटीआइ) योजना के तहत राज्य में कौशल विकास को नई गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सोमवार को पीएम-सेतु योजना की राज्य स्तरीय संचालन समिति की पहली बैठक हुई, जिसमें राज्य की 60 आईटीआइ के उन्नयन के लिए 2892 करोड़ रुपये के रोडमैप को मंजूरी दी गई। योजना के तहत राज्य के 12 हब-एंड-स्पोक क्लस्टरों में ये आईटीआइ अपग्रेड की जाएंगी।
क्या है पीएम-सेतु योजना
पीएम-सेतु योजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसे 2024-25 के बजट में घोषित किया गया था और 2025-26 में इसका विस्तार किया गया। इस योजना का राष्ट्रीय बजट 60,000 करोड़ रुपये है। योजना का उद्देश्य देशभर की 1,000 सरकारी आईटीआइ को आधुनिक और उद्योग-अनुकूल प्रशिक्षण संस्थानों में बदलना है। इसके तहत 200 हब आईटीआइ और 800 स्पोक आईटीआइ का नेटवर्क बनाया जाएगा।
योजना के दो घटक हैं। पहले घटक के तहत 1,000 सरकारी आईटीआइ का हब-एंड-स्पोक मॉडल में उन्नयन किया जाएगा। दूसरे घटक के तहत भुवनेश्वर, चेन्नई, हैदराबाद, कानपुर और लुधियाना स्थित पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 अक्टूबर, 2025 को इस योजना का शुभारंभ किया था। केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उद्योग भागीदारों के बीच पूंजीगत व्यय का बंटवारा 50:33:17 के अनुपात में होगा।
हरियाणा में कितनी आईटीआइ होंगी अपग्रेड
हरियाणा में पीएम-सेतु योजना के तहत 60 आईटीआइ का उन्नयन किया जाएगा। इन 60 आईटीआइ को 12 हब-एंड-स्पोक क्लस्टरों में बांटा गया है। हर क्लस्टर में एक हब आईटीआइ होगी, जिसके साथ औसतन चार स्पोक आईटीआइ जुड़ी होंगी। हब आईटीआइ में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और इनक्यूबेशन सेंटर, प्रोडक्शन यूनिट, ट्रेनरों का प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सेवाएं विकसित की जाएंगी। स्पोक आईटीआइ के जरिए ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक पहुंच बनाई जाएगी।
किन क्लस्टरों की पहचान हुई
12 प्रस्तावित क्लस्टरों में से सात की पहचान हो चुकी है:
- कुरुक्षेत्र
- कलायत (कैथल)
- पलवल
- छारा (झज्जर)
- सोनीपत
- मतलौडा (पानीपत)
- बेरली कलां (रेवाड़ी)
इन सात में से पांच क्लस्टरों के लिए रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) जारी किए जा चुके हैं:
- कुरुक्षेत्र
- पलवल
- छारा
- कलायत
- सोनीपत
कब होंगे क्लस्टर संचालित
राज्य के तीन क्लस्टरों को वर्ष 2026-27 में संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। बाकी क्लस्टरों के लिए आरएफपी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश मुख्य सचिव ने दिए हैं।
जिंदल समूह का 520 करोड़ का निवेश प्रस्ताव
कुरुक्षेत्र और कैथल क्लस्टरों के लिए जिंदल नवीन अवसार लिमिटेड के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने पांच वर्षीय रणनीतिक निवेश योजना पेश की है। इस योजना में 520 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है।
कुरुक्षेत्र क्लस्टर में राजकीय आईटीआइ कुरुक्षेत्र हब होगी, जिसके साथ पांच स्पोक संस्थान जुड़े हैं। कैथल क्लस्टर में राजकीय आईटीआइ कलायत हब होगी, जिसके साथ चार स्पोक संस्थान जुड़े हैं। दोनों क्लस्टरों की संयुक्त छात्र क्षमता 4,800 से अधिक है।
जिंदल फाउंडेशन इस योजना में सामाजिक भागीदार के रूप में शामिल है। इस योजना का वित्तपोषण केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उद्योग साझेदार द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।
कैसे मिलेगी अंतिम मंजूरी
राज्य संचालन समिति द्वारा अनुमोदित रणनीतिक निवेश योजनाओं को अंतिम स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति को भेजा जाएगा। राष्ट्रीय संचालन समिति हर क्लस्टर के लिए बजट का अंतिम निर्धारण करेगी।
हरियाणा में कौशल विकास को मिलेगी नई गति
इस योजना के तहत आईटीआइ में आधुनिक एवं नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। प्रशिक्षकों को नए तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा। प्लेसमेंट सेवाएं और उत्पादन इकाइयां विकसित की जाएंगी। युवा सशक्तीकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने बताया कि प्रत्येक क्लस्टर में आधुनिक पाठ्यक्रम, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण, प्लेसमेंट सेवाएं तथा उत्पादन इकाइयां विकसित की जाएंगी।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने विभाग को निर्देश दिए कि शेष क्लस्टरों का चयन शीघ्र किया जाए तथा उनके लिए आरएफपी प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए, ताकि योजना के क्रियान्वयन में कोई विलंब न हो।
पीएम-सेतु योजना के मुख्य उद्देश्य
- आईटीआइ और एनएसटीआइ में प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार
- उद्योग मानकों के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर और उपकरणों का आधुनिकीकरण
- नए और उभरते क्षेत्रों में उद्योग-अनुकूल पाठ्यक्रम शुरू करना
- मांग-आधारित कौशल और बेहतर रोजगार के लिए उद्योग से जुड़ाव मजबूत करना
- प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए एनएसटीआइ की क्षमता बढ़ाना
पीएम-सेतु योजना का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार
केंद्र सरकार ने 7 जुलाई, 2026 को पीएम-सेतु योजना को पूरे देश में लागू करने की मंजूरी दी। 200 आईटीआइ क्लस्टरों में योजना का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही 1,237.58 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजनाओं को भी मंजूरी दी गई।
ओडिशा में जिंदल नवीन अवसार लिमिटेड 240.21 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। गुजरात में अर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया 240.18 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। तेलंगाना में अपोलो मेड-स्किल्स लिमिटेड समेत कई उद्योग भागीदार जुड़ेंगे।
हरियाणा के युवाओं को क्या मिलेगा
इस योजना से हरियाणा के युवाओं को आधुनिक और उद्योग-अनुकूल प्रशिक्षण मिलेगा। नए पाठ्यक्रमों से रोजगार के बेहतर अवसर पैदा होंगे। आईटीआइ में पढ़ने वाले छात्रों को उद्योगों से सीधा जुड़ाव मिलेगा। प्लेसमेंट सेवाओं से नौकरी पाना आसान होगा। यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
[FAQ SECTION]
प्रश्न 1: पीएम-सेतु योजना क्या है?
पीएम-सेतु (प्रधानमंत्री स्किल एंड इंप्लायबिलिटी ट्रांसफार्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आइटीआइ) योजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य देशभर की 1,000 सरकारी आईटीआइ को आधुनिक और उद्योग-अनुकूल प्रशिक्षण संस्थानों में बदलना है। इस योजना का राष्ट्रीय बजट 60,000 करोड़ रुपये है।
प्रश्न 2: हरियाणा में पीएम-सेतु योजना के तहत कितनी आईटीआइ अपग्रेड होंगी?
हरियाणा में 60 आईटीआइ का उन्नयन किया जाएगा। इन्हें 12 हब-एंड-स्पोक क्लस्टरों में बांटा गया है।
प्रश्न 3: हरियाणा में किन क्लस्टरों की पहचान हो चुकी है?
कुरुक्षेत्र, कलायत (कैथल), पलवल, छारा (झज्जर), सोनीपत, मतलौडा (पानीपत) और बेरली कलां (रेवाड़ी) की पहचान हो चुकी है।
प्रश्न 4: जिंदल समूह कितने करोड़ का निवेश करेगा?
जिंदल नवीन अवसार लिमिटेड के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने कुरुक्षेत्र और कैथल क्लस्टरों के लिए 520 करोड़ रुपये से अधिक की पांच वर्षीय निवेश योजना पेश की है।
प्रश्न 5: पीएम-सेतु योजना के तहत आईटीआइ में क्या-क्या बदलाव होंगे?
आईटीआइ में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब, नए पाठ्यक्रम, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण, प्लेसमेंट सेवाएं और प्रोडक्शन यूनिट विकसित की जाएंगी।