सिरसा जिले के राजपुरा में नहर टूटने से 100 एकड़ धान और कपास की फसल डूबी

 किसानों ने की मुआवजे की मांग
 
नहर टूटने से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है।

हरियाणा में लगातार हो रही बारिश से किसानों की मुश्किलें और भी बढ़ रही है। सिरसा जिले के डबवाली उपमंडल के गांव रत्ता खेड़ा के पास से होकर गुजरने वाली राजपुरा नहर टूट गई। जिसकी वजह से आसपास के खेतों में भारी मात्रा में पानी घुस गया और करीब 100 एकड़ से ज्यादा फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई।

ग्रामीणों के अनुसार, रविवार तड़के करीब सुबह 4 बजे नहर का कटाव शुरू हो गया था  और देखते ही देखते बांध टूट गया। जैसे ही आसपास के किसानों ने हालात ज्यादा  बिगड़ते देखे तो उन्होंने तुरंत नहरी विभाग को इसकी सूचना दे दी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम जेसीबी मशीनों के साथ ही मौके पर पहुंची और कई घंटों की मशक्कत के बाद कटाव को रोकने में भी सफलता पाई।

विभाग ने बताए नहर टूटने के कारण

नहरी विभाग के अधिकारी जगदीप ने बताया कि लगातार बारिश और पीछे से ज्यादा पानी आने की वजह से नहर पर बहुत अधिक  दबाव बढ़ गया था। चूंकि इस समय किसानों को सिंचाई की जरूरत नहीं है, इसलिए किसानों ने सभी मोगे बंद कर दिए गए थे। इसकी वजह से नहर में पानी का बहाव और दबाव दोनों बहुत बढ़ गए, जिससे कटाव हो गया और नहर टूट गई।

किसानों की बढ़ी चिंता, सरकार से की मुआवजे की मांग

नहर टूटने से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। जिन खेतों में धान और कपास जैसी खड़ी फसलें लगी थीं, वे पूरी तरह पानी में डूब गईं। प्रभावित किसानों ने सरकार से मांग की है कि बर्बाद हुई फसलों का तुरंत सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिया जाए।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

लगातार हो रही बारिश और नहर टूटने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। विभाग की टीमें जगह-जगह जाकर नहरों और माइनरों की निगरानी कर रही हैं, ताकि किसी भी तरह के बड़े हादसे को समय से पहले रहते रोका जा सके।