गोगामेड़ी से लौट रहे, हिसार में करंट से 3 युवकों की मौत
हरियाणा के हिसार जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। बारिश के दौरान 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन तार अचानक टूटकर सड़क पर गिर गई। दुर्भाग्य से, यह तार चार बाइक सवार युवकों पर गिरी। हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक चलती बाइक से कूदकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। मृतक युवक राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के गोगामेड़ी मंदिर से दर्शन कर अपने गांव लौट रहे थे।
हादसा कैसे हुआ?
यह हादसा मिर्जापुर रोड पर दर्शना एकेडमी के सामने हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब साढ़े 10 बजे जब चारों युवक बाइक से गुजर रहे थे, तभी हाईटेंशन लाइन का तार अचानक टूटकर उन पर गिर गया। करंट लगते ही तीनों युवक सड़क पर ही तड़पने लगे और कुछ ही सेकंड में उनकी मौत हो गई।
गांव सुलखनी निवासी बंटी (27), संदलाना निवासी राजकुमार (37) और उसका भतीजा अमित (14) इस हादसे के शिकार हुए। वहीं चौथा युवक, बधावड़ गांव का शमशेर, समय रहते बाइक से कूद गया और उसकी जान बच गई।
ग्रामीणों ने बताया हादसे का मंजर
हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शी कपूर सिंह ने बताया कि युवकों को तड़पता देख लोगों ने तुरंत पावर हाउस को फोन किया। लेकिन बिजली सप्लाई आधे घंटे बाद बंद की गई। तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी।
ग्रामीणों ने बिजली निगम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि तुरंत बिजली काट दी जाती तो शायद तीनों की जान बच सकती थी।
ग्रामीणों की तीन बड़ी बातें
1. गोगामेड़ी से लौट रहे थे – ग्रामीणों ने बताया कि युवक सोमवार रात गोगामेड़ी से लौटे थे और बधावड़ गांव में रुके थे। सुबह वे अपने गांव वापस जा रहे थे।
2. चलती बाइक से कूदा युवक – जैसे ही करंट का झटका लगा, शमशेर ने चलती बाइक से छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई।
3. बिजली निगम की लापरवाही– हादसे के बाद भी बिजली सप्लाई देर से काटी गई, जिसे ग्रामीणों ने बड़ी लापरवाही बताया।
मृतकों की पहचान और परिवार की स्थिति
राजकुमार (37 वर्ष) – दो छोटी बेटियों के पिता थे।
अमित (14 वर्ष) – राजकुमार का भतीजा और 9वीं कक्षा का छात्र था।
बंटी (27 वर्ष) – सुलखनी गांव में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) चलाता था और गांव में तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराता था।
इस तरह मरने वालों में दो चाचा-भतीजा शामिल हैं। उनके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
बिजली निगम पर सवाल
ग्रामीणों ने हादसे का जिम्मेदार बिजली निगम को ठहराया है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान जर्जर तारों को समय पर बदला नहीं गया। तार टूटने की सूचना तुरंत देने के बावजूद बिजली देर से काटी गई।
यह घटना बताती है कि बिजली व्यवस्था की लापरवाही आम लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है।हाईटेंशन तारें अक्सर गांवों और शहरों में खुलेआम लटकती रहती हैं, जो किसी भी समय हादसे का कारण बन सकती हैं।
हादसे ने उठाए सवाल
इस हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या बिजली निगम समय रहते इन जर्जर तारों की मरम्मत नहीं कर सकता?
क्या आपात स्थिति में पावर हाउस को तुरंत बिजली काटने की व्यवस्था नहीं करनी चाहिए?
क्या ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है?
ग्रामीणों और परिजनों में आक्रोश
हादसे के बाद सुलखनी और संदलाना गांवों में मातम पसर गया। परिजनों ने कहा कि यह मौत प्राकृतिक नहीं बल्कि पूरी तरह से बिजली विभाग की लापरवाही का नतीजा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है।
हिसार में हुआ यह हादसा सिर्फ तीन परिवारों की जिंदगी उजाड़ने वाला ही नहीं, बल्कि बिजली व्यवस्था की खामियों को उजागर करने वाला भी है। हाईटेंशन तारों की नियमित जांच, समय पर मरम्मत और आपातकालीन स्थिति में फौरन बिजली काटने की व्यवस्था जरूरी है। यदि इन बिंदुओं पर ध्यान दिया जाए तो भविष्य में ऐसे हादसों को टाला जा सकता है।
हिसार करंट हादसा, हाईटेंशन तार गिरा, हिसार में युवकों की मौत, गोगामेड़ी से लौटते युवक, बिजली निगम लापरवाही, हरियाणा हादसा।