नाथुसरी कलां में 80 वर्षीय सुखमा देवी का निधन, परिजनों ने मेडिकल रिसर्च के लिए मरणोपरांत किया देहदान

नाथुसरी कलां में 80 वर्षीय सुखमा देवी का निधन,
 
नाथुसरी कलां मरणोपरांत किया देहदान

नाथुसरी कलां में 80 वर्षीय सुखमा देवी का निधन, परिजनों ने मेडिकल रिसर्च के लिए मरणोपरांत किया देहदान

नाथूसरी चौपटा।  सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा ब्लाक में सोमवार को मेडिकल रिसर्च के लिए पहला शरीरदान हुआ। ब्लाक के गांव नाथूसरी कलां निवासी माता सुखमा देवी (80 वर्षीय) धर्मपत्नी स्व. देवीलाल इन्सां कड़वासरा की रविवार देर शाम को हार्ट अटैक से मौत हो गई। उनकी मृत्यु के पश्चात उनके परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा को मेडिकल रिसर्च के लिए यूपी के पिलखुवा (हापुड ) स्थित जीएस मेडिकल कॉलेज में भेजा गया।

अंतिम विदाई से पूर्व सचखंडवासी माता सुखमा देवी की गांव में अंंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें परिजन, रिश्तेदार, ग्रामीण, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के सेवादार, साध संगत व गणमान्य जन मौजूद रहे। जानकारी देते हुए ब्लाक के जिम्मेवारों ने बताया कि सचखंडवासी सुखमा देवी इन्सां का पूरा परिवार डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा है और मानवता भलाई कार्यों में अग्रणी रहता है। सुखमा देवी ने अपने गुरु के वचनों पर अमल करते हुए जीते जी मरणोंपरांत शरीरदान करने का प्रण लिया हुआ था। रविवार शाम को उनके निधन के उपरांत उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल रिसर्च के लिए यूपी के पिलखुवा (हापुड ) स्थित जीएस मेडिकल कॉलेज में भेजा गया।


उनकी अंतिम विदाई के मौके पर उनके पुत्रों राजेंद्र कड़वासरा, राजकुमार कड़वासरा, बेटियों कमला देवी, कविता देवी, पुत्रवधुओं, पोते की बहू और पोती ने पूज्य गुरु जी द्वारा चलाई मुहिम बेटा बेटी एक समाज के तहत उनकी अर्थी को कंधा दिया।


अंतिम विदाई के दौरान सुखमा देवी के पार्थिव शरीर को फूलों से सजी एंबुलेंस में रखा गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण और साध संगत उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।  ‘शरीरदानी सुखमा देवी अमर रहे’, ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, शरीरदानी सुखमा देवी इन्सां तेरा नाम रहेगा’ के नारे लगाते हुए उनकी शव यात्रा को रवाना किया गया।



मरणोपरांत शरीरदान ऐतिहासिक  : सरपंच रीटा कासनिया


ग्राम पंचायत नाथूसरी कलां की सरपंच रीटा कसानिया ने सुखमा देवी के मेडिकल रिसर्च के लिए शरीरदान करने को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में यह पहला शरीरदान है।

डेरा सच्चा सौदा के पूज्य संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा चलाई गई मुहिम ‘अमर सेवा’ सराहनीय है, जिसके तहत डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी मरने के बाद अपने परिजनों के पार्थिव शरीर को मेडिकल रिसर्च के लिए दान करते हैं।  इस अवसर पर 85 मैंबर राकेश बजाज इन्सां, अमरजीत इन्सां, 85 मैंबर कविता बुडानिया, रणवीर कड़वासरा, ब्लाक प्रेमी सेवक सुरेंद्र इन्सां, नाथूसरी कलां प्रेमी सेवक अजय इन्सां, जगदीश इन्सां, सुरेंद्र सिंह, राधाकृष्ण इन्सां, शेर सिंह, सुरेंद्र कस्वां, सरपंच रीटा कासनिया, रामेश्वर सोनी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।