खंड नाथुसरी चोपटा के सभी 33 निजी स्कूल रहे बंद,सौंपा प्रशासन को ज्ञापन, School Safety Act

School Safety Act  प्राईवेट स्कूलों की सुरक्षा के लिए भी कानून बनाने की रखी मांग
 
School Safety Act

School Safety Act  चोपटा . हिसार में निजी स्कूल के प्रचार्य की हत्या किए जाने के मामले में बेशक सम्बंधित जिला पुलिस ने आरोपी छात्रों की गिरफ्तारी कर ली हो,लेकिन इस हत्याकांड के विरोध में निजी स्कूल संचालकों का आक्रोष नहीं थम रहा है। बुधवार को सिरसा जिले नाथुसरी चोपटा खंड के सभी 33 निजी स्कूल संचालकों ने अपने-अपने स्कूलों को बंद रख इस हत्या को लेकर आक्रोष जताया। इस दौरान निजी स्कूल संचालक अपनी सुरक्षा को लेकर भी काफी गंभीर दिखे और उन्होंने सीएम के नाम एक ज्ञापन यहां  जिला मुख्यालय पर एकत्रित होकर प्रशासन को सौंपा। निजी स्कूल संचालकों के इस प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व प्राईवेट स्कूल शिक्षक संघ के प्रधान संजीव पूनियां, उपप्रधान रामकृष्ण खोथ, सचिव विजेंद्र गोदारा, सह सचिव दलीप सिंह  द्वारा किया गया। इस मौके पर इन्होने प्राइवेट स्कूलों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। हिसार जिले के पुट्ठी गाव में एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जिसमें श्री जगबीर पानू नामक शिक्षक की उनके ही विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा नृशंस हत्या कर दी गई। यह घटना न केवल पूरे शिक्षकमंडल को स्तब्ध करने वाली है, बल्कि समाज के नैतिक पतन की और भी संकेत करती है। इस दौरान निजी स्कूल संचालकों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौपा.

मुख्य मांगे

1. हरिगाणा राज्य में तत्काल School Safety Act पारित किया जए, जिससे विद्यार्थी, शिक्षक एवं समस्त स्कूल स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

2. दिवंगत शिक्षक श्री जगबीर पानू जी को "शहीद" का दर्जा प्रदान किया जाए, जिससे शिक्षक समाज को सम्मान और सुरक्षा का बोध हो। साथ ही उनके परिवार को 1 करोड़ की आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।

3. विद्यालयों में पढ़ने वाले अधिकांश विद्यार्थी 18 वर्ष से कम आयु के होते हैं। दुर्भाग्यवश, उनमें यह मानसिकत विकसित हो रही है कि नाबालिग होने के कारण उन्हें गंभीर अपराधों पर भी कठोर दंड नहीं मिलेगा। यह प्रवृत्ति उन्हें आपराधिक जीवन की ओर प्रेरित कर रही है। अतः ऐसे अपराधों को "जघन्य अपराध" की श्रेणी में लाय जाए, और नाबालिग की परिभाषा में आयुसीना को पुनः परिभाषित करते हुए उस पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो हमे राष्ट्र निर्माता का खिताब दिया जाता है और दूसरी तरफ हमारी सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए प्राईवेट स्कूलों के बाहर पुलिस सुरक्षा बढाई जाए। दिनभर पीसीआर की गश्त बढ़ाई जाए और छुट्टी के समय भी पुलिस स्कूलों की सुरक्षा पर ध्यान दे। उन्होंने यह भी कहा कि हिसार के गांव में निजी स्कूल के प्राचार्य की जिस तरह से हत्या की गई है उसके बाद से अपनी सुरक्षा को लेकर निजी स्कूल वाले काफी गंभीर है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सरकार ने कानून बना रखा है उसी तरह से उनकी भी मांग है कि निजी स्कूलों की सुरक्षा के लिए सरकार कोई कानून बनाए।