कुरुक्षेत्र के रेस्ट हाउस में आराम करता मिला मगरमच्छ: JE की सतर्कता से बची बड़ी घटना
कुरुक्षेत्र मगरमच्छ रेस्क्यू
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस में अचानक करीब 5 फुट लंबा मगरमच्छ दिखाई दिया। हैरानी की बात यह रही कि यह मगरमच्छ रेस्ट हाउस के पास शांति से आराम कर रहा था।
जैसे ही विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) की नजर उस पर पड़ी, उन्होंने तुरंत सतर्कता दिखाई और मामले की सूचना वाइल्ड लाइफ विभाग को दी। आधी रात तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद आखिरकार इस मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर भौर सैयदां स्थित मगरमच्छ प्रजनन केंद्र (Crocodile Breeding Centre) में छोड़ा गया।
JE की सतर्कता से टला खतरा
गुरुवार देर रात लगभग 11:30 बजे सिंचाई विभाग के JE ने रेस्ट हाउस के पास हरकत देखी। पास जाकर देखा तो वहां मगरमच्छ आराम करता मिला। रात गहरी होने के कारण स्थिति काफी खतरनाक हो सकती थी, लेकिन JE ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए बिना किसी हड़बड़ाहट के लगातार मगरमच्छ पर निगरानी बनाए रखी। उनकी सतर्कता के कारण मगरमच्छ न तो इधर-उधर भागा और न ही किसी व्यक्ति पर हमला कर पाया।
वाइल्ड लाइफ विभाग की एंट्री
जैसे ही वाइल्ड लाइफ विभाग को इसकी सूचना मिली, आधी रात को इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार और सुभाष ढुल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद मगरमच्छ को काबू कर लिया। यह काम आसान नहीं था क्योंकि मगरमच्छ तेजी से हरकत करने के लिए जाने जाते हैं। बावजूद इसके, विशेषज्ञ टीम ने सुरक्षित तरीके से उसे पकड़कर पिंजरे में डाल दिया।
भौर सैयदां केंद्र में छोड़ा गया मगरमच्छ
रेस्क्यू टीम ने मगरमच्छ को पकड़ने के बाद उसे कुरुक्षेत्र के भौर सैयदां Crocodile Breeding Centre में छोड़ा। इस केंद्र में पहले से कई मगरमच्छों को संरक्षण मिल रहा है। टीम का मानना है कि यह मगरमच्छ पास की किसी ड्रेन या फिर SYL (सतलुज-यमुना लिंक) नहर से भटककर रेस्ट हाउस तक पहुंच गया। चूंकि इस समय नहरों में पानी अधिक है, ऐसे में जलीय जीवों का आसपास की जगहों तक पहुंचना असामान्य नहीं है।
कुरुक्षेत्र में पहले भी दिख चुके हैं मगरमच्छ
यह पहली बार नहीं है जब कुरुक्षेत्र क्षेत्र में मगरमच्छ दिखाई दिया हो। ठीक 7 दिन पहले भी SYL नहर के किनारे पानी में एक मगरमच्छ देखा गया था। गोताखोर प्रगट सिंह ने उसे पकड़ने की कोशिश की थी, लेकिन मगरमच्छ बेहद फुर्तीला निकला और बिजली जैसी तेजी से पानी में गायब हो गया।
पिछले महीने भी दबखेड़ी गांव के पास ड्रेन में एक मगरमच्छ देखा गया था। यह लगातार घटनाएं इस ओर इशारा करती हैं कि नहरों और ड्रेनों में मगरमच्छों की आवाजाही बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों में दहशत और उत्सुकता
मगरमच्छ के रेस्ट हाउस में पहुंचने की खबर फैलते ही आसपास के लोगों में दहशत के साथ उत्सुकता भी देखी गई। कई लोग यह जानकर हैरान रह गए कि इतना बड़ा मगरमच्छ रेस्ट हाउस तक पहुंच गया। ग्रामीणों का कहना है कि नहर और ड्रेन के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहना चाहिए ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
मगरमच्छ क्यों भटक जाते हैं आबादी में?
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान नहरों और ड्रेनों में पानी का स्तर बढ़ जाता है। इस वजह से मगरमच्छ अपने प्राकृतिक आवास से भटककर नई जगहों पर पहुंच जाते हैं। कभी-कभी वे शिकार की तलाश में भी निकलते हैं और आबादी वाले क्षेत्रों तक आ जाते हैं। यही वजह है कि रेस्ट हाउस जैसे सुरक्षित स्थानों पर भी अचानक मगरमच्छ दिखाई दे जाते हैं।
सुरक्षा को लेकर विभाग सतर्क
वाइल्ड लाइफ विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर नहर, ड्रेन या गांव के आसपास मगरमच्छ दिखाई दे तो तुरंत सूचना दें। किसी भी हालत में उसे पकड़ने या भगाने की कोशिश न करें क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है। विभाग ने कहा कि उनकी टीम हर समय तैयार रहती है और ऐसी घटनाओं में तुरंत रेस्क्यू कर सकती है।
कुरुक्षेत्र का यह मामला बताता है कि प्राकृतिक जीव-जंतु कब और कहां नजर आ जाएं, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। सिंचाई विभाग के JE की सतर्कता और वाइल्ड लाइफ टीम की मुस्तैदी के कारण कोई बड़ा हादसा टल गया। मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना न केवल इंसानों की सुरक्षा के लिए जरूरी था, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से भी अहम कदम रहा।