Digvijay Chautala GJU FIR News: हिसार सिटी थाने में दिग्विजय चौटाला पर केस दर्ज, जाने पूरा मामला

हिसार के गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में हुए भारी हंगामे के बाद पुलिस ने जेजेपी नेता दिग्विजय चौटाला और अन्य पर कड़ी कार्रवाई की है।
 
 

हिसार: जननायक जनता पार्टी (जजपा) की युवा विंग के प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हिसार के सिटी थाना पुलिस ने जीजेयू प्रशासन की लिखित शिकायत पर दिग्विजय और पार्टी के कई अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बीती रात ही दबिश देकर कुछ आरोपियों को हिरासत में भी ले लिया। बताया जा रहा है कि गुरुवार को हुए भारी बवाल के दौरान कुलपति नरसी राम बिश्नोई को टकराव से बचने के लिए पिछले दरवाजे से बाहर निकलना पड़ा था और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स हटाकर जबरन अंदर प्रवेश किया था। इस पूरे घटनाक्रम और पुलिस कार्रवाई को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला आज सुबह साढ़े ग्यारह बजे मीडिया के सामने अपना पक्ष रखेंगे।

जजपा नेता दिग्विजय चौटाला ने बताया कि उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संवाद कार्यक्रम के लिए पहले ही प्रशासन से अनुमति मांगी थी। जब वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उन्होंने पास की यादव धर्मशाला में अपना कार्यक्रम रखा। आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को परिसर से बाहर धर्मशाला तक नहीं आने दिया। इसी बात से नाराज होकर दिग्विजय चौटाला कुछ छात्रों के साथ परिसर में घुस गए और सीधे कुलपति कार्यालय का घेराव कर दिया। उन्होंने साफ कहा था कि जब तक कुलपति छात्रों की बात नहीं सुनेंगे, वे धरने से नहीं हटेंगे। हंगामा बढ़ता देख सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत पुलिस को बुला लिया, जिसके बाद मुख्य गेट पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की चलती रही।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद गुरुवार को जीजेयू में आयोजित होने वाले छात्र संवाद कार्यक्रम से शुरू हुआ था। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों को रोके जाने पर टकराव की स्थिति पैदा हो गई। आक्रोशित छात्रों ने कुलपति कार्यालय में करीब एक घंटे तक जमकर हंगामा किया और गेट तोड़ने का प्रयास किया, जिससे वहां रखे गमले भी टूट गए। इसी दौरान दिग्विजय चौटाला छात्रों के साथ वहीं धरने पर बैठ गए और उन्होंने भीड़ को रोकने के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती पर कड़े सवाल उठाए। दिग्विजय चौटाला ने तंज कसते हुए कहा कि आज भाजपा के लोगों की हालत ऐसी हो गई है कि जवाब मांगने पर वे कुर्सी छोड़कर भाग जाते हैं। उन्होंने कहा कि कुलपति और उनके नेता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को छात्रों के सवालों का जवाब देना ही होगा। इसके अलावा जजपा नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर विश्वविद्यालयों में हो रहे भ्रष्टाचार, लूट और जातिवाद को उजागर करने तथा आगामी 27 अप्रैल को जीजेयू में एक और बड़ा प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।

Haryana Roadways: बसों में UPI से कटेगी टिकट, खुले पैसों का झंझट खत्म, सिरसा समेत प्रदेशभर के यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

आम जनता और छात्रों पर क्या होगा असर?

इस राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव का सीधा असर हिसार और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले आम छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। बार-बार होने वाले ऐसे विरोध प्रदर्शनों और पुलिस छावनियों में तब्दील होते कैंपस के कारण विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल खराब होता है। आम परिवारों के जो छात्र सिर्फ अपनी डिग्री पूरी करने आते हैं, उन्हें अनावश्यक तनाव और सुरक्षा चेकिंग से गुजरना पड़ता है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय की संपत्ति को होने वाले नुकसान की भरपाई भी अप्रत्यक्ष रूप से सरकारी खजाने यानी आम करदाता की जेब से ही होती है।

इस पूरे मामले पर जीजेयू के कुलपति नरसी राम बिश्नोई का कहना है कि जजपा नेता की मौजूदगी में इनसो कार्यकर्ताओं द्वारा की गई यह तोड़फोड़ बेहद निंदनीय है। उन्होंने पुराना हिसाब याद दिलाते हुए बताया कि 5 अगस्त 2019 को भी इनसो के स्थापना दिवस के लिए जीजेयू का सीआरएस सभागार लिया गया था। उस समय सभागार में भारी नुकसान किया गया था, जिसका एक लाख रुपये का जुर्माना आज तक इनसो ने नहीं भरा है। कुलपति ने स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार जब तक वह पुराना जुर्माना नहीं भरा जाता, किसी को भी कार्यक्रम के लिए सभागार नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर कुछ लोग केवल गुंडागर्दी करने आए थे और बिना कोई मांग पत्र सौंपे ही चले गए, जिस पर अब विश्वविद्यालय कानूनी नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई कर रहा है।