कौन थे डीएसपी योगेश कुमार शर्मा? ANTF से चंडीगढ़ हुए थे ट्रांसफर, फगवाड़ा में रिवॉल्वर सफाई के दौरान चली गोली से हुई मौत

55 वर्षीय डीएसपी योगेश कुमार शर्मा पंजाब की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स में रहे अनुभवी अधिकारी थे। हाल ही में चंडीगढ़ ट्रांसफर हुए थे। फगवाड़ा के पुलिस क्वार्टर में सुबह 7:30 बजे रिवॉल्वर साफ करते वक्त गोली सीने में लगी, परिवार मौके पर था।
 
 

फगवाड़ा/चंडीगढ़: पंजाब पुलिस के एक अनुभवी और समर्पित अधिकारी डीएसपी योगेश कुमार शर्मा अब हमारे बीच नहीं रहे। 55 वर्षीय डीएसपी योगेश कुमार शर्मा मंगलवार 21 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 7:30 बजे फगवाड़ा के पुलिस स्टेशन सदर के पास स्थित अपने सरकारी क्वार्टर में सर्विस रिवॉल्वर की सफाई कर रहे थे, तभी अचानक गोली चल गई और सीधे उनकी छाती में जा लगी। यह घटना जीएन कॉलेज के पास फगवाड़ा बायपास गौंसपुर सर्विस रोड स्थित पुलिस क्वार्टर में हुई। गोली लगते ही परिवार ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।

डीएसपी को जालंधर के जोहल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के वक्त उनके घर पर पत्नी, माता-पिता, बेटा और बेटी — पूरा परिवार मौजूद था। परिवार की आंखों के सामने हुए इस हादसे ने पूरे पुलिस विभाग को सकते में डाल दिया।
ANTF पंजाब के नशा विरोधी अभियान की रीढ़ थे योगेश कुमार शर्मा

डीएसपी योगेश कुमार शर्मा एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) पंजाब में लंबे समय तक अपनी सेवाएं देते रहे थे। पंजाब जैसे राज्य में जहां नशे की समस्या बेहद गंभीर रही है, वहां ANTF में तैनात अधिकारियों की भूमिका बेहद अहम और दबाव भरी होती है। योगेश कुमार शर्मा इस चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी को अपने कर्तव्य के रूप में निभा रहे थे और विभाग में उनकी छवि एक मेहनती व ईमानदार अधिकारी की थी। हाल ही में उनका तबादला ANTF से चंडीगढ़ किया गया था। 

सूत्रों के अनुसार डीएसपी हाल के दिनों में तनाव में नजर आ रहे थे, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एसपी माधवी शर्मा ने घटना को दुर्घटनावश बताया है और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एसएसपी तूरा ने कहा कि हादसे और आत्महत्या — दोनों कोणों से जांच की जा रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया है।

पुलिस जांच का दायरा बड़ा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तय करेगी घटना की असली वजह

जांच एजेंसी ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन भी इस मामले की निगरानी कर रही है और पुलिस सभी जरूरी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गोली किस कोण से लगी और यह वाकई दुर्घटना थी या कुछ और। इस घटना ने सर्विस हथियारों की सफाई के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार सर्विस रिवॉल्वर की सफाई से पहले चैंबर खाली करना और मैगजीन निकालना अनिवार्य प्रोटोकॉल है। डीएसपी योगेश कुमार शर्मा की असमय मौत पंजाब पुलिस के लिए एक बड़ी हानि है — एक अनुभवी और समर्पित अधिकारी जो नशे के खिलाफ जंग लड़ते-लड़ते खुद एक दुखद हादसे का शिकार हो गए।