फतेहाबाद न्यूज़: कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, नहर कॉलोनी में दो अवैध कीटनाशक गोदाम सील।

टीम ने दो अवैध कीटनाशक दवा गोदामों पर छापा मारते हुए उन्हें सील कर दिया।
 
किसानों को जहरीली और नकली दवाओं से बचाने के लिए यह अभियान लगातार चलाया जाएगा।

 

फतेहाबाद   के नहर कॉलोनी क्षेत्र में वीरवार को कृषि विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। विभाग की विशेष टीम ने दो अवैध कीटनाशक दवा गोदामों पर छापा मारते हुए उन्हें सील कर दिया।

 

यह कार्रवाई कृषि विभाग के एसडीओ सुभाष लुहान और क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर डॉ. जंगी़र सिंह के नेतृत्व में की गई। छापेमारी के दौरान विभाग को फोर्टनामक प्रतिबंधित कीटनाशक दवा भी बरामद हुई, जो सरकार द्वारा बैन की गई है।

कार्रवाई के दौरान मौके पर भारतीय किसान एकता के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि इन गोदामों की शिकायतें विभाग को पिछले कई महीनों से मिल रही थीं, जिसमें अवैध रूप से बिना लाइसेंस कीटनाशक दवाएं बेचने की बात कही गई थी।

जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि गोदाम संचालकों के पास न तो वैध लाइसेंस था और न ही किसी प्रकार का स्टॉक या बिक्री रजिस्टर उपलब्ध था।

कृषि विभाग की टीम ने दोनों गोदामों में रखी गई सभी संदिग्ध दवाओं के सैंपल लेकर उन्हें लैब में जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जांच रिपोर्ट के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को जहरीली और नकली दवाओं से बचाने के लिए यह अभियान लगातार चलाया जाएगा।

एसडीओ सुभाष लुहान ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “सरकार की ओर से प्रतिबंधित कीटनाशकों की बिक्री एक गंभीर अपराध है।

बिना लाइसेंस के गोदामों से इस तरह की दवाएं बरामद होना किसानों की सेहत और उनकी फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है।

भारतीय किसान एकता के लखविंदर सिंह ने भी इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा, “किसान पहले से ही नकली दवाओं और अधिक दामों की वजह से परेशान हैं।

हमने कृषि विभाग को बार-बार शिकायतें दी थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई संभव हो पाई। हमारी मांग है कि दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि गोदाम मालिकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और अन्य कानूनी कार्रवाइयों की सिफारिश की जाएगी।

कृषि विभाग का यह कदम न केवल किसानों के हितों की रक्षा करेगा, बल्कि बाजार में अवैध दवाओं की बिक्री पर लगाम लगाने में भी मददगार साबित होगा।

विभाग ने आम जनता और किसानों से भी अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही कीटनाशक दवाएं खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें।