अब इलेक्ट्रिक गाड़ियां उठाएंगी घर-घर से कूड़ा, नगर निगम ने बनाया 5साल का प्लान

 

घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था में बदलाव होने जा रहा है। आने वाले समय में शहर के तय इलाकों में घर-घर से कचरा उठाने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

नगर निगम गुरुग्राम ने इस काम के लिए दो नई एजेंसियों के साथ समझौता किया है। दोनों एजेंसियों को अपने तय इलाकों में घरों से कूड़ा इकट्ठा करने और उसे आगे पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। समझौते के मुताबिक, एजेंसियां अगले पांच साल तक यह काम संभालेंगी।

 करीब दो महीने बाद शुरू हो सकता है काम

नगर निगम की ओर से दोनों एजेंसियों के साथ जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब वाहनों और दूसरे जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की जानी है। इसके बाद करीब दो महीने में एजेंसियों के काम शुरू करने की उम्मीद है।

नई व्यवस्था के तहत एजेंसियां घरों से कचरा उठाकर तय जगहों तक पहुंचाएंगी। वहां से कचरे को आगे ले जाने और उसके प्रबंधन की प्रक्रिया भी तय व्यवस्था के अनुसार होगी।

 इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए बनेंगे चार्जिंग स्टेशन

इस योजना में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल खास बात है। इन गाड़ियों को चलाने के लिए शहर में चार्जिंग स्टेशन भी तैयार किए जाएंगे। काम शुरू होने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि एजेंसियों के पास पर्याप्त वाहन और चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध हो।

इलेक्ट्रिक गाड़ियों के इस्तेमाल से कूड़ा उठाने के दौरान होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, निगम को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से कचरा उठाने का काम पहले से ज्यादा व्यवस्थित हो सकेगा।

 पांच साल तक एजेंसियों के जिम्मे रहेगी व्यवस्था

दोनों एजेंसियां अपने निर्धारित इलाकों में पांच साल तक घर-घर से कूड़ा उठाने का काम करेंगी। इस दौरान घरों से कचरा इकट्ठा करने और उसे तय स्थान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उनकी होगी।

हालांकि, इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए अभी वाहनों, चार्जिंग स्टेशनों और अन्य सुविधाओं की तैयारी पूरी करनी होगी। व्यवस्था शुरू होने के बाद इसका असर शहर की सफाई पर कितना पड़ता है, यह कामकाज शुरू होने और उसके नियमित संचालन के बाद ही साफ होगा।

नगर निगम की इस पहल का मुख्य उद्देश्य घरों से कचरा उठाने की व्यवस्था को बेहतर बनाना और शहर को साफ रखने के साथ प्रदूषण कम करने की दिशा में कदम बढ़ाना है।