Haryana News: प्रदेश के 71 शहरों का होगा विस्तार: किसानों से मुंहमांगी कीमत पर 1.67 लाख एकड़ जमीन खरीदेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने 69 शहरों के भीतर 849 आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक सेक्टर विकसित करने की घोषणा की थी। इसी विजन को धरातल पर उतारने के लिए पहले चरण में 1.67 लाख एकड़ भूमि की खरीद की जा रही है, जबकि दूसरे चरण में अन्य 17 शहरों के विकास के लिए लगभग 47 हजार एकड़ अतिरिक्त जमीन खरीदी जाएगी। इस भारी-भरकम मांग को पूरा करने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी), एचएसआईआईडीसी, शहरी स्थानीय निकाय और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया है।
अधिग्रहण विवाद खत्म, ई-भूमि पोर्टल से सीधी खरीद
भूमि अधिग्रहण के दौरान होने वाले लंबे कानूनी विवादों और किसानों के विरोध को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए सरकार ने ई-भूमि पोर्टल (ebhoomi.jamabandi.nic.in) का पारदर्शी रास्ता अपनाया है। शहरी निकाय एवं राजस्व व आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने स्पष्ट किया है कि यह पोर्टल भू-स्वामियों को स्वेच्छा से अपनी जमीन बेचने और सरकार के नियोजित विकास में साझीदार बनने की अनुमति देता है। इससे न केवल भूमि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि बरसों तक अदालतों में लटकने वाले विवाद भी पैदा नहीं होंगे।
जमीन की इस सीधी खरीद से जहां एक ओर शहरों के बाहरी किनारों पर पनपने वाली अवैध कॉलोनियों पर सख्त रोक लगेगी, वहीं नए विकसित होने वाले सेक्टरों में आम जनता को सरकार की ओर से पक्की सड़कें, सीवरेज और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं समय पर मिल सकेंगी।
एचएसवीपी की सबसे बड़ी मांग, गुरुग्राम में भारी खरीद
शहरीकरण की इस दौड़ में सबसे अधिक भूमि की मांग हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा की जा रही है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, अकेले गुरुग्राम जिले के लगभग 36 गांवों में फैले 17 हजार 358 एकड़ रकबे को नए शहरी और वाणिज्यिक क्षेत्रों के लिए खरीदा जाना है। इसके अलावा पंचकूला जिले में 3,914 एकड़, फरीदाबाद में 4,500 एकड़, जींद में 2,172 एकड़, होडल में 1,729 एकड़ और हांसी में 1,495 एकड़ जमीन की खरीद प्रस्तावित है।
उत्तरी हरियाणा की बात करें तो अंबाला क्षेत्र में विशेष रूप से लॉजिस्टिक्स और संस्थागत केंद्रों को विकसित करने के लिए 6,600 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। इसके साथ ही कुरुक्षेत्र, करनाल और पानीपत जैसे जीटी रोड बेल्ट के जिलों में भी विकास कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर जमीन की खरीद की जाएगी।
10 नई आईएमटी और टियर-2 शहरों में लैंड पूलिंग
औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए राज्य में 10 नई औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) स्थापित करने की तैयारी है, जिसके लिए करीब 30 से 35 हजार एकड़ भूमि की आवश्यकता है। एचएसआईआईडीसी का पूरा ध्यान आईएमटी खरखौदा (3,217 एकड़) को ऑटोमोबाइल और विनिर्माण हब बनाने तथा आईएमटी मानेसर व बावल के लॉजिस्टिक्स विस्तार पर केंद्रित है।
अंबाला के नारायणगढ़ में भी 450 एकड़ भूमि पर औद्योगिक गतिविधियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। दूसरी ओर, शहरी निकाय विभाग करनाल, हिसार, रोहतक और यमुनानगर जैसे टियर-2 शहरों के नियोजित विस्तार के लिए 'लैंड पूलिंग मॉडल' अपना रहा है, ताकि किसानों को विकास का सीधा हिस्सेदार बनाया जा सके।
परिवहन गलियारों का निर्माण और आगामी लक्ष्य
इस पूरी परियोजना का एक बड़ा हिस्सा राज्य की परिवहन और लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने से जुड़ा है। सरकार कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे के साथ-साथ एक विशाल लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर विकसित कर रही है, जिसे दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (डीएमआईसी) के साथ सीधे तौर पर एकीकृत किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त अंबाला में लगभग 13 एकड़ भूमि पर एक अत्याधुनिक वाहन परीक्षण और चालक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना भी इसी मास्टर प्लान का एक अहम हिस्सा है। जमीन बेचने के इच्छुक किसान 30 जून तक ई-भूमि पोर्टल पर अपनी पेशकश दर्ज कर सकते हैं, जिसके बाद जुलाई माह से जमीन के भौतिक सत्यापन और अधिकारियों द्वारा मोलभाव की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।