हरियाणा में कच्चे कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, रिटायरमेंट तक नौकरी सुरक्षित
50 हजार की लिमिट से बाहर हुए थे कई कर्मचारी
आपको बता दें कि पिछले साल नवंबर में सरकार ने 'हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024' लागू किया था, जिसके तहत करीब 1.20 लाख कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित की गई थी। लेकिन उस बिल में एक पेंच था—यह सिर्फ उन कर्मचारियों पर लागू था जिनका वेतन 50,000 रुपये तक था। इस नियम के कारण विश्वविद्यालयों में लगे असिस्टेंट प्रोफेसर, कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर, विभिन्न विभागों में तैनात SDO, वास्तुकला सहायक और सीनियर आईटी प्रोफेशनल्स इस सेवा सुरक्षा के दायरे से बाहर रह गए थे। अब सरकार इन्हीं छूट गए कर्मचारियों का आंकड़ा जुटाकर इनके पदों को सुरक्षित करने का ड्राफ्ट तैयार कर रही है।
मुख्य सचिव का सख्त फरमान, ईमेल पर मांगा ब्योरा
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों (HOD), प्रबंध निदेशकों, मंडलायुक्तों और सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्हें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि वे अपने-अपने विभागों में ऐसे पदों की तुरंत पहचान करें जहाँ कच्चे कर्मचारी 50 हजार से ज्यादा वेतन ले रहे हैं। अधिकारियों को एक निर्धारित प्रोफार्मा में पूरी जानकारी भरकर generalservices0001@gmail.com पर भेजनी होगी। इसमें कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकार ने अधिकारियों से मुख्य रूप से यह जानकारी मांगी है:
- विभाग, बोर्ड या निगम का नाम और संबंधित पद।
- कार्यरत अनुबंध कर्मचारियों की कुल संख्या।
- कर्मचारी जिस पद पर काम कर रहा है, वह सरकार द्वारा 'स्वीकृत' (Sanctioned) है या नहीं।
- नियुक्ति का तरीका (भर्ती प्रक्रिया) और वर्तमान मासिक पारिश्रमिक।
- कार्य की प्रकृति, अनुबंध की अवधि और पद की आवश्यकता पर विभागीय टिप्पणी।
सेवा सुरक्षा पोर्टल पर सत्यापन की डेडलाइन बढ़ी
50 हजार से अधिक वेतन वालों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ, सरकार ने उन कच्चे कर्मचारियों को भी बड़ी राहत दी है जिनके आवेदन 'हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) नियम-2025' के तहत पहले से लंबित हैं। मुख्य सचिव कार्यालय के संज्ञान में आया है कि पोर्टल (www.securedemployee.csharyana.gov.in) पर आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (DDO) के स्तर पर वेरिफिकेशन के लिए भारी संख्या में आवेदन पेंडिंग पड़े हैं। इस बैकलॉग को क्लियर करने और सभी कर्मचारियों को समय पर लाभ देने के लिए सरकार ने सत्यापन प्रक्रिया की डेडलाइन को आगे बढ़ा दिया है।
सुपरन्यूमरेरी पदों का होगा सृजन, जारी होंगे ऑफर लेटर
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, अब सभी DDO संबंधित कर्मचारियों के विभागीय सेवा रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करेंगे और 15 मई तक लंबित आवेदनों का वेरिफिकेशन पूरा करेंगे। इसके तुरंत बाद, वित्त विभाग (Finance Department) सक्रिय होगा और 15 मई तक ही पात्र कर्मचारियों के लिए उनके विभाग में 'सुपरन्यूमरेरी पदों' (Supernumerary Posts) का सृजन करेगा। एक बार जब पद सृजित हो जाएंगे, तो संबंधित विभागाध्यक्षों द्वारा पात्र कर्मचारियों को पोर्टल के माध्यम से अंतिम स्वीकृति दी जाएगी।
प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। 15 जून तक जिन कर्मचारियों के हाथों में पक्की नौकरी (रिटायरमेंट तक सेवा सुरक्षा) का 'ऑफर लेटर' आ जाएगा, उनका भविष्य पूरी तरह से सुरक्षित हो जाएगा। जो कर्मचारी 50 हजार से ऊपर के वेतनमान वाले हैं, वे भी अब 30 मई को जाने वाली रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि सरकार जल्द ही उनके लिए भी नया अध्यादेश या नियम लागू कर सके।