हरियाणा में भूतपूर्व सैनिकों के दिव्यांग बच्चों को हर महीने मिलेगी 3 हजार रुपये की अतिरिक्त पेंशन
सिरसा। देश की सेवा करने वाले भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बोर्ड द्वारा भूतपूर्व सैनिकों के 100 प्रतिशत दिव्यांग बच्चों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से एक विशेष अतिरिक्त पेंशन योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र दिव्यांग बच्चों को हर महीने 3,000 रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि ऐसे बच्चों के पालन-पोषण में परिवार को अतिरिक्त मदद मिल सके और वे बेहतर जीवन यापन कर सकें।
इस योजना का लाभ एक भूतपूर्व सैनिक के अधिकतम दो बच्चों को ही दिया जा सकता है। विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह पेंशन केवल उन दिव्यांग बच्चों के लिए निर्धारित की गई है जिनकी आयु 20 वर्ष तक है। साथ ही, आवेदक बच्चे का अविवाहित और बेरोजगार होना भी एक अनिवार्य शर्त है। आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी, इसलिए बच्चे का किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में एक सक्रिय खाता होना बेहद जरूरी है। इसके अलावा मेडिकल बोर्ड या किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी 100 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
योजना के तहत नए आवेदन करने या इसका लाभ जारी रखने के लिए एक निर्धारित समयसीमा तय की गई है। लाभार्थी परिवारों को हर साल 1 दिसंबर से 31 मार्च के बीच इस योजना के लिए आवेदन करना होता है। तय समय के बाद मिलने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाता है।
सिरसा के जिला सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड के वेलफेयर ऑर्गेनाइजर महेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया गया है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए भूतपूर्व सैनिक या उनकी पत्नी को अपने नजदीकी सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यालय में कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा करवाने होंगे।
इन दस्तावेजों में भूतपूर्व सैनिक या उनकी पत्नी का पहचान पत्र, परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), मूल डिस्चार्ज बुक, हरियाणा का रिहायशी प्रमाण पत्र (डोमिसाइल), बैंक पासबुक की साफ फोटोकॉपी, फोटोयुक्त पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश (PPO), सक्षम अधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र और आधार कार्ड शामिल हैं। सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही पेंशन की राशि जारी की जाती है।