हरियाणा में खुलेंगे 766 नए स्वास्थ्य केंद्र, सरकारी अस्पतालों में पीपीपी मॉडल पर होगी सुरक्षा, आरती सिंह राव का बड़ा फैसला
चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई को अभेद्य बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी चिकित्सा केंद्रों की सुरक्षा और स्वच्छता का पूरा जिम्मा अब सार्वजनिक निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल पर सौंपने की तैयारी पूरी कर ली है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने चंडीगढ़ में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद इस नई नीति की आधिकारिक घोषणा की। इस रणनीतिक कदम का सीधा उद्देश्य अस्पतालों में महिला मरीजों, नर्सिंग स्टाफ, डॉक्टरों और अन्य महिला कर्मचारियों को चौबीस घंटे पूर्ण सुरक्षित माहौल प्रदान करना है।
चिकित्सा संस्थानों में आंतरिक सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का यह निर्णय हाल ही में कुरुक्षेत्र के लोक नायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले के बाद लिया गया है। इस संवेदनशील मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
घटना के संदर्भ में पुलिस ने आरोपी कंसलटेंट के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है और विभाग द्वारा उसकी सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। इसी तरह की अवांछित घटनाओं पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए अब राज्य के सभी जिला और उपमंडल अस्पतालों में निजी सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से कड़ा पहरा बिठाया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने 104 करोड़ रुपये की नई विकास परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दी है। इसके तहत चरखी दादरी जिले में निर्माणाधीन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नामकरण देश के महान स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के नाम पर करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इस पहल से न केवल क्षेत्र के लोगों को आधुनिक चिकित्सा ढांचा मिलेगा, बल्कि राष्ट्रीय नायकों की स्मृति को भी संजोया जा सकेगा।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में प्राथमिक उपचार सुविधाओं का दायरा बढ़ाने के लिए प्रदेश में कुल 766 नए स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण को हरी झंडी दे दी गई है। इन नए केंद्रों के क्रियान्वयन से ग्रामीण आबादी को सामान्य और आपातकालीन इलाज के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
राज्य में स्वीकृत किए गए नए चिकित्सा केंद्रों का श्रेणीवार विवरण इस प्रकार है:
- 597 नए उप स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण स्तर पर स्थापित किए जाएंगे।
- 51 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण किया जाएगा।
- 7 नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंभीर मामलों की निगरानी के लिए खुलेंगे।
- 111 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ सेंटर विभिन्न विकास खंडों में स्थापित होंगे।
हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को गोल्डन आवर यानी दिल का दौरा पड़ने के शुरुआती महत्वपूर्ण समय में तुरंत जीवन रक्षक इलाज देने के लिए राज्य के 600 स्वास्थ्य संस्थानों में टेली ईसीजी सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इस आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से सुदूर गांवों के मरीजों की ईसीजी रिपोर्ट सीधे बड़े कार्डियोलॉजिस्ट्स के पास पहुंचेगी, जिससे समय रहते इलाज संभव हो सकेगा।
इसके अतिरिक्त, आम जनता को बाजार दर से बेहद कम कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक और ब्रांडेड दवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य के 23 जिला अस्पतालों में अमृत फार्मेसी की स्थापना सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। इन फार्मेसियों में आवश्यक दवाओं का स्टॉक हमेशा बरकरार रहे, इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री स्वयं जिलों का औचक निरीक्षण कर रही हैं। सरकारी अस्पतालों को आत्मनिर्भर बनाने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी चिकित्सा भवनों की छतों पर चरणबद्ध तरीके से रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है।