हरियाणा में कच्चे कर्मचारियों की मौज, पार्ट-टाइम कर्मियों को मिलेगी 3 लाख की अनुग्रह सहायता
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने सरकारी महकमों में काम करने वाले पार्ट-टाइम (अंशकालिक) कर्मचारियों के कल्याण के लिए एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने अपनी अनुग्रह वित्तीय सहायता (एक्स-ग्रेशिया) योजना का दायरा बढ़ा दिया है। अब यदि किसी पार्ट-टाइम कर्मचारी का निधन होता है, तो उसके परिवार को सरकार की तरफ से 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस संबंध में 25 मई को मुख्य सचिव कार्यालय की तरफ से आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
पहले यह योजना और इसका वित्तीय लाभ केवल एडहॉक, दैनिक वेतनभोगी (डेली वेजर) और अनुबंध (कच्चे) आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों के परिवारों तक ही सीमित था। पार्ट-टाइम कर्मचारी लंबे समय से खुद को भी इस सामाजिक सुरक्षा चक्र में शामिल करने की मांग कर रहे थे। अब सरकार ने पुरानी नीति में संशोधन करते हुए अंशकालिक कर्मचारियों को भी इस 3 लाख रुपये वाली सहायता योजना का हिस्सा बना लिया है।
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी किए गए ताजा आदेशों के अनुसार, यह लाभ राज्य के सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) में कार्यरत अंशकालिक कर्मचारियों के परिवारों पर समान रूप से लागू होगा। योजना का मुख्य उद्देश्य परिवार के कमाऊ सदस्य के अचानक चले जाने के बाद आश्रितों को फौरी तौर पर एक मजबूत आर्थिक संबल प्रदान करना है।
इस फैसले को तुरंत और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव की ओर से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, उपमंडल अधिकारियों (नागरिक) और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को भी पत्र भेजा गया है।
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अधिकारियों को स्पष्ट किया गया है कि संशोधित प्रावधानों का बिना किसी देरी के सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि संकट के समय में किसी भी दिवंगत पार्ट-टाइम कर्मचारी के परिवार को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें समय पर 3 लाख रुपये की राहत राशि मिल सके।