हरियाणा में लगेंगे 35 हजार नए सोलर पंप, किसानों को फोन पर मिलेगी पूरी जानकारी
चंडीगढ़। हरियाणा अब पारंपरिक बिजली खपत वाले मॉडल को पीछे छोड़कर ‘ग्रीन एनर्जी स्टेट’ (सस्टेनेबल एनर्जी) बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। प्रदेश सरकार ने सौर ऊर्जा को हर गांव और घर तक पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने सोमवार को चंडीगढ़ में नव एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता हरियाणा को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नंबर वन राज्य बनाना है।
इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कड़े निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी बिजली उपमंडल अधिकारी (एसडीओ) कार्यालयों में एक विशेष 'सोलर डेस्क' या 'सोलर विंडो' अनिवार्य रूप से स्थापित की जाए। इस डेस्क का मुख्य उद्देश्य आम जनता को एक ही छत के नीचे सोलर सिस्टम लगाने की प्रक्रिया, सरकारी योजनाओं और मिलने वाली सब्सिडी के बारे में विस्तार से बताना है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन डेस्कों पर बड़े बैनर और जागरूकता सामग्री प्रदर्शित की जाए ताकि उपभोक्ताओं को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और इसे एक बड़े जनआंदोलन का रूप दिया जा सके।
सौर ऊर्जा को और अधिक सुलभ बनाने के लिए विभाग जल्द ही एक ‘मिस्ड कॉल आधारित सूचना प्रणाली’ भी शुरू करने जा रहा है। अब कोई भी उपभोक्ता केवल एक मिस्ड कॉल देकर सोलर सिस्टम लगाने, सब्सिडी और इसके खर्च-फायदों की पूरी जानकारी अपने मोबाइल पर ही हासिल कर सकेगा। इसके साथ ही, मंत्री अनिल विज ने बिजली शिकायत हेल्पलाइन 1912 की कार्यप्रणाली की भी कड़ी समीक्षा की। उन्होंने इस सेवा को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए। इस पर बैठक में मौजूद ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ ने मंत्री को आधिकारिक रूप से आश्वासन दिया कि 1912 प्रणाली को तुरंत तकनीकी रूप से उन्नत (अपग्रेड) किया जाएगा ताकि उपभोक्ताओं को तेज और प्रभावी सेवाएं मिल सकें।
किसानों के लिए भी इस अहम बैठक में बड़ी सौगात की रूपरेखा तैयार की गई। प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM) की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा अब तक 1 लाख 92 हजार 725 सोलर पंप स्थापित कर चुका है और इस बड़ी उपलब्धि के साथ पूरे देश में दूसरे स्थान पर है। इस आंकड़े को और बढ़ाते हुए अब वर्ष 2026-27 के दौरान प्रदेश में 35 हजार नए सोलर पंप लगाने का लक्ष्य तय किया गया है, ताकि किसानों की डीजल पर निर्भरता पूरी तरह से खत्म हो और उन्हें खेती के लिए सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा मिल सके।
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राज्य सरकार ने सिर्फ घरों और खेतों तक ही नहीं, बल्कि सरकारी भवनों को भी ग्रीन एनर्जी से रोशन करने का बड़ा फैसला लिया है। ऊर्जा मंत्री के निर्देशों के बाद अब जल्द ही सभी सरकारी इमारतों पर सोलर सिस्टम लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। योजना के पहले चरण में सभी उपायुक्त (डीसी) कार्यालयों, एसडीएम दफ्तरों, मंडलायुक्त कार्यालयों, लघु सचिवालयों, कोर्ट परिसरों, सरकारी शिक्षण संस्थानों और बिजली विभाग के दफ्तरों की छतों पर प्राथमिकता के आधार पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस रणनीति से राज्य के बिजली खर्च में भारी कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।