हरियाणा में CET पोर्टल दोबारा खोलने की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की, करेक्शन के लिए पोर्टल खोला जाएगा.

परीक्षा को सभी के लिए समान बनाने के लिए एक ही शिफ्ट में आयोजित करने की भी मांग की गई थी।
 
अभ्यर्थियों के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल करेक्शन के उद्देश्य से दोबारा खोला जाएगा

चंडीगढ़ : हरियाणा में कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) 2025 को लेकर युवाओं द्वारा दाखिल की गई याचिका को मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस याचिका में मांग की गई थी कि CET रजिस्ट्रेशन पोर्टल दोबारा खोला जाए ताकि उम्मीदवार अपने दस्तावेज़ों में सुधार कर सकें और परीक्षा एक ही शिफ्ट में करवाई जाए।

इस मामले में सरकार की ओर से पेश हुए एडवोकेट जनरल प्रमेंद्र चौहान ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि जिन उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि से पहले आरक्षण (Reservation) प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर दिया था, लेकिन किन्हीं कारणों से वे सर्टिफिकेट अपलोड नहीं कर सके, उन्हें राहत दी जाएगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे अभ्यर्थियों के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल करेक्शन के उद्देश्य से दोबारा खोला जाएगा, जिससे वे अपने प्रमाण पत्र को पोर्टल पर अपडेट कर सकें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि योग्य उम्मीदवारों को उनके हक का लाभ मिल सके और उनकी पात्रता सुरक्षित रहे।

याचिकाकर्ताओं की ओर से यह तर्क दिया गया था कि कई अभ्यर्थी तकनीकी कारणों या दस्तावेज़ समय पर न मिलने के कारण अपने रजिस्ट्रेशन में जरूरी बदलाव नहीं कर पाए। साथ ही परीक्षा को सभी के लिए समान बनाने के लिए एक ही शिफ्ट में आयोजित करने की भी मांग की गई थी।

हालांकि, हाईकोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि परीक्षा की प्रक्रिया में न्यायालय बिना किसी ठोस आधार के हस्तक्षेप नहीं कर सकता। साथ ही कोर्ट ने सरकार की ओर से दी गई करेक्शन सुविधा को पर्याप्त माना।