हरियाणा में कर्मचारियों के एरियर और सैलरी बढ़ोतरी समेत इन मागों पर लगी मुहर,  जानिए मीटिंग के सभी अहम फैसले

 

पंचकूला। हरियाणा के बिजली कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। पंचकूला के सेक्टर 6 स्थित शक्ति भवन में बिजली निगम के उच्चाधिकारियों और एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के बीच एक अहम बैठक संपन्न हुई। अतिरिक्त मुख्य सचिव के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक में कर्मचारियों की कई लंबित मांगों पर सहमति बन गई है। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर इन सहमतियों पर जमीनी कार्रवाई नहीं हुई, तो हाउस की आपात बैठक बुलाकर प्रदेशभर में बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

यह महत्वपूर्ण बैठक एचवीपीएनएल (HVPNL) के एमडी और चारों बिजली यूटिलिटी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यूनियन के राज्य प्रधान इकबाल चंदाना की अध्यक्षता में हुई। बैठक का मुख्य एजेंडा यूनियन द्वारा 5 फरवरी 2026 को सौंपे गए मांग-पत्र पर विस्तार से चर्चा करना था। एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रेस सचिव श्याम लाल खोड ने बताया कि इस लंबी वार्ता के काफी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और प्रशासन की ओर से जल्द ही इस बैठक की मिनट्स ऑफ मीटिंग (MOM) जारी कर दी जाएगी।

मीटिंग में लिए गए सबसे अहम फैसलों में कर्मचारियों को लंबे समय से प्रतीक्षित 'रिस्क अलाउंस' देना शामिल है। इस प्रस्ताव को तथ्यों के साथ सरकार को भेजने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही, बिजली लाइनों पर काम करते समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी फील्ड कर्मचारियों को टीएंडपी किट उपलब्ध कराई जाएगी। यूनियन की चिंताओं को देखते हुए अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया है कि यूनियन से पूर्व चर्चा किए बिना किसी भी हाल में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं की जाएगी।

कर्मचारियों के आश्रितों को बड़ी राहत देते हुए एक्स-ग्रेसिया पॉलिसी 2019 में भी संशोधन पर मुहर लगी है। इसके तहत न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा और 52 वर्ष आयु वाली शर्त को हटाने पर सहमति बनी है। इसके अलावा, एलडीसी और यूडीसी पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता को हरियाणा सरकार के अन्य विभागों की तर्ज पर समान करने के लिए एमडी कोर्डिनेशन में एजेंडा रखकर अनुमोदन करवाया जाएगा।

कच्चे कर्मचारियों के मोर्चे पर भी यूनियन को बड़ी जीत मिली है। यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन में काम कर रहे डीसी रेट कर्मचारियों की पिछले लगभग 6 वर्षों से रुकी हुई वेतन वृद्धि और समान काम-समान वेतन के मुद्दे पर अधिकारियों ने एरियर सहित वेतन बढ़ाने का पूरा आश्वासन दिया है। साथ ही, जो एएलएम और एलएम कर्मचारी अपने होम सर्कल से बाहर ड्यूटी कर रहे हैं, उन्हें वापस अपने गृह जिले (होम सर्कल) में पोस्टिंग देने के लिए एक विशेष नीति बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

कर्मचारियों की पदोन्नति और भत्तों को लेकर भी प्रशासन ने सकारात्मक रुख दिखाया है। इलेक्ट्रिसिटी, शिफ्ट, वर्दी और ट्रांसपोर्ट अलाउंस बढ़ाने के साथ-साथ यूएचबीवीएन में एसए और एएलएम की पदोन्नति के लिए न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा शर्त को घटाकर 2 वर्ष करने पर सहमति बनी है। कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर कैशलेस मेडिक्लेम योजना में सभी प्रकार की बीमारियों को कवर करने के प्रस्ताव पर भी रजामंदी हुई है।

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एक तरफ जहां यूनियन अपनी मांगों को मनवाने में सफल रही है, वहीं बिजली विभाग ने अपनी अंदरूनी कार्यप्रणाली और जन-सुविधाओं को बेहतर करने की भी रणनीति बनाई है। ताज़ा विभागीय अपडेट के अनुसार, उपभोक्ताओं की समस्याओं को तेजी से निपटाने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1912 को और अधिक मजबूत किया जा रहा है और प्रदेश के हर एसडीओ कार्यालय में 'सोलर विंडो' स्थापित की जा रही है, ताकि कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ घटे।

यूनियन ने बैठक के अंत में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आश्वासन मिलने के बाद अब वे इसके लागू होने का इंतजार करेंगे। इस मौके पर राज्य महासचिव यशपाल देशवाल, मुख्य संगठन कर्ता विनोद शर्मा, वरिष्ठ उप प्रधान अशोक शर्मा, वित्त सचिव अनिल पहल, ऑडिटर मनोज सैनी, उप महासचिव सतेंद्र सहारण और विजय हुड्डा सहित कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक सुर में चेतावनी दी कि तय समय सीमा में वादे पूरे न होने पर आंदोलन ही एकमात्र विकल्प होगा।