हरियाणा की मंडियों में बारिश से भीगा लाखों का धान
Haryana news: हरियाणा की दर्जनों अनाज मंडियों में आज फिर से लाखों का धान बारिश की भेंट चढ़ गया। भारी बारिश के चलते खुले आसमान के नीचे रखा लाखों क्विंटल धान भीग गया।
अभी चार दिन पहले ही बारिश के चलते खुले में रखा मंडियों में आया धान भीग गया था। उसे सूखाने के प्रबंध किए जा रहे थे। इसी बीच ऐसी तस्वीर भी सामने आई जिसमें धान की भीगी हुई बोरियों में से धान उगता हुआ नजर आया।
मंडियों में आने वाला धान भीगता है तो उसके लिए किसान और आढ़ती को ही नुकसान उठाना पड़ता है। किसान मांग कर रहे हैं कि जो धान , मंडियों में आ जाए उसके नुकसान की जिम्मेवारी सरकार की होनी चाहिए। सरकार को उस पर मुआवजा देना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं है।
जब से धान की खरीद शुरू हुई है उसके बाद से तीसरी बार बारिश हुई है, जिसमें किसानों और आढ़तियों का लाखों का नुकसान हो चुका है, कौन करेगा इसकी भरपाई।
मंडियों में हालांकि इस बार खुले आसमान के नीचे रखे लाखों बोरी धान को ढक दिया गया, लेकिन उन बोरियों की जड़ों में पानी लग रहा है, फिर से इसमें मॉश्चर आएगा, जिससे दोबारा से इस धान सूखने के लिए धूप में डालना पड़ेगा, जिसमें कई दिन का और समय लगेगा। इस तरह से किसानों को इस धान का पैसा मिलने में और इंतजार करना पड़ेगा, जब तक धान मिलर द्वारा नहीं उठाया जाता तब तक किसानों के खातों में पैसा नहीं आता ,इसी को लेकर किसान चिंतित हैं।