Haryana Municipal Election Results: राजीव जैन बने सोनीपत के मेयर, परवीन कोच ने सांपला में दर्ज की ऐतिहासिक जीत, जाने कहां कौन जीता
हरियाणा में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका चुनाव के नतीजों ने प्रदेश की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। आज हुई मतगणना में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए तीनों प्रमुख नगर निगमों- सोनीपत, पंचकूला और अंबाला में मेयर पदों पर शानदार जीत दर्ज की है। इन परिणामों में सबसे बड़ा उलटफेर रोहतक के सांपला में देखने को मिला है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ में सेंध लगाते हुए भाजपा उम्मीदवार परवीन कोच ने बड़ी जीत हासिल की है।
सोनीपत नगर निगम में मेयर पद के लिए भाजपा के राजीव जैन ने एक तरफा मुकाबले में कांग्रेस को करारी शिकस्त दी है। सभी राउंड की गिनती पूरी होने के बाद राजीव जैन ने 78,035 वोट हासिल किए, जबकि कांग्रेस के कमल दीवान मात्र 45,478 वोटों पर सिमट गए। इसी तरह पंचकूला में भाजपा के श्याम लाल बंसल और अंबाला में अक्षिता सैनी ने शुरुआती राउंड से ही जो बढ़त बनाई, उसे अंत तक बरकरार रखते हुए जीत का परचम लहराया। इन निगमों में कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही लेकिन जीत के आंकड़े से काफी दूर नजर आई।
नगर परिषद और नगर पालिकाओं के परिणामों में मिला-जुला असर देखने को मिला है। रेवाड़ी नगर परिषद में जनता ने पार्टियों से ज्यादा निर्दलीय उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है। यहां के 32 वार्डों में से 19 पर निर्दलीयों ने कब्जा किया है, जबकि भाजपा 12 और कांग्रेस केवल एक वार्ड पर ही सिमट गई। वहीं रेवाड़ी की धारूहेड़ा नगर पालिका में भाजपा के सत्यनारायण उर्फ अजय जांगड़ा ने करीब 6,236 वोटों के भारी अंतर से अध्यक्ष पद का चुनाव जीता है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रभाव वाले क्षेत्र सांपला में भाजपा की जीत को कांग्रेस के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। यहां परवीन कोच ने कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को हराकर यह साबित कर दिया कि शहरी मतदाताओं का झुकाव फिलहाल सत्ताधारी दल की तरफ अधिक है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इस बार के निकाय चुनावों में मतदान प्रतिशत भी काफी ऊंचा रहा, खासकर ग्रामीण से सटे शहरी इलाकों में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
नगर निगमों के वार्ड पार्षदों की बात करें तो वहां भी भाजपा का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है। कई प्रमुख वार्डों में भाजपा उम्मीदवारों ने एक हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। हालांकि, उकलाना और सांपला जैसे क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर स्थानीय मुद्दों के कारण कुछ जगहों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी भाजपा और कांग्रेस के समीकरणों को बिगाड़ा है। प्रशासन ने मतगणना के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे और सभी नतीजे अब लगभग स्पष्ट हो चुके हैं।