हरियाणा के अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल, रेणु भाटिया के बयान से नाराज

 

कुरुक्षेत्र/चंडीगढ़। हरियाणा के सभी सरकारी अस्पतालों में सोमवार को नर्सिंग स्टाफ ने कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया है। यह हड़ताल हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया की एक विवादित टिप्पणी के विरोध में की जा रही है। रेणु भाटिया ने कुरुक्षेत्र के एक अस्पताल में हुए दुष्कर्म मामले के बाद नर्सिंग स्टाफ की बेटियों को लेकर एक बयान दिया था, जिससे नाराज होकर पूरे प्रदेश का स्वास्थ्य महकमा उनके खिलाफ उतर आया है और उनसे सार्वजनिक माफी की मांग कर रहा है।
कुरुक्षेत्र अस्पताल के दुष्कर्म मामले से शुरू हुआ विवाद

इस पूरे विवाद की जड़ कुरुक्षेत्र का लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) सिविल अस्पताल है। हाल ही में इस अस्पताल में पेट दर्द का इलाज कराने आई एक 15 साल की नाबालिग बच्ची के साथ एक सरकारी डॉक्टर द्वारा कथित दुष्कर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया था। इस घटना के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया अस्पताल के औचक निरीक्षण के लिए पहुंची थीं, जहां उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ को कड़ी फटकार लगाई।

रेणु भाटिया ने स्टाफ की बेटियों पर की टिप्पणी

निरीक्षण के दौरान रेणु भाटिया ने सवाल उठाया कि जब ओपीडी में तीन नर्सों की ड्यूटी थी, तो एक नाबालिग बच्ची को पुरुष डॉक्टर के साथ अकेला कैसे छोड़ दिया गया। इसी दौरान उन्होंने नर्सिंग स्टाफ से कथित तौर पर कहा कि अगर उनकी अपनी बेटियां होतीं, तो क्या वे उन्हें भी इसी तरह अकेले डॉक्टर के पास भेज देतीं। इसके साथ ही उन्होंने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने के निर्देश दे दिए।

नर्सिंग स्टाफ का गुस्सा: माफी नहीं मांगने पर दी चेतावनी

महिला आयोग अध्यक्ष की इस बात से नर्सिंग स्टाफ भड़क गया। नर्सों का कहना है कि यह टिप्पणी सीधे तौर पर उनके चरित्र और काम के प्रति उनके सम्मान को ठेस पहुंचाती है। कुरुक्षेत्र में दो घंटे के पेन डाउन से शुरू हुआ यह विरोध अब पूरे हरियाणा में फैल गया है। स्टाफ ने साफ कर दिया है कि जब तक रेणु भाटिया अपने शब्दों को वापस लेकर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगतीं, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।