सुबह-सुबह भूकंप के झटकों से दहला हरियाणा का ये जिला, घरों से भागे लोग; जानें क्या है अरावली कनेक्शन?
रेवाड़ी, 9 मार्च। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में सोमवार सुबह अचानक धरती कांपने से लोगों में दहशत फैल गई। सुबह करीब 7 बजकर 1 मिनट पर आए भूकंप के झटकों के बाद डरे-सहमे लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 2.8 मापी गई है। गनीमत यह रही कि झटकों की तीव्रता कम होने के कारण किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान या बड़ी क्षति की कोई सूचना नहीं है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां एहतियात के तौर पर स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए हैं।
[तस्वीर: भूकंप के बाद एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों और खुले मैदानों में जमा डरे हुए लोगों की भीड़]
अरावली की तलहटी में दिखा ज्यादा असर, हिलने लगीं खिड़कियां
इस भूकंप का सबसे ज्यादा असर अरावली पर्वत श्रृंखला के आसपास रहने वाले इलाकों में देखा गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह जैसे ही झटके लगे, घरों के दरवाजे और खिड़कियां हल्की-हल्की हिलने लगीं। जमीन में हुए अचानक कंपन से घबराकर लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों की तरफ दौड़ पड़े।
भले ही ये झटके बहुत कम समय के लिए महसूस किए गए हों, लेकिन अचानक हुई इस भूगर्भीय हलचल ने इलाके में काफी देर तक बेचैनी का माहौल बनाए रखा। लोग लंबे समय तक खुले स्थानों पर ही खड़े रहे और एक-दूसरे से स्थिति की जानकारी लेते नजर आए।
दिसंबर में भी कांपी थी हरियाणा की धरती, क्या है सिस्मोग्राफ का विज्ञान?
हरियाणा में धरती कांपने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले बीते साल 1 दिसंबर को भी प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस समय रात 9 बजकर 22 मिनट पर आए झटकों का केंद्र सोनीपत में था, जिसने पूरे एनसीआर इलाके में हलचल मचा दी थी।
भूकंप की इन घटनाओं को सिस्मोग्राफ (Seismograph) नामक यंत्र द्वारा मापा जाता है। दरअसल, जब भूकंप आता है तो मशीन का आधार और उसमें मौजूद हर चीज धरती के साथ हिलती है, लेकिन उस पर लगा एक स्वतंत्र पेन स्थिर रहता है। जैसे ही मशीन का ड्रम और कागज हिलते हैं, पेन कागज पर टेढ़ी-मेढ़ी लाइनें (सीस्मोग्राम) दर्ज कर देता है। ये लाइनें जितनी ज्यादा ऊपर-नीचे होती हैं, भूकंप की तीव्रता उतनी ही अधिक मानी जाती है, जिससे वैज्ञानिकों को धरती के भीतर हुई हलचल की सटीक जानकारी मिलती है।