त्योहारी सीजन में यात्रियों को बड़ी राहत: हरियाणा रोडवेज की 5 व 6 नवंबर की हड़ताल टली, सरकार से मीटिंग में बनी सहमति

 

हड़ताल स्थगित: 5 नवंबर से प्रस्तावित 2 दिन की रोडवेज हड़ताल टल गई है, यात्रियों को सफर में कोई परेशानी नहीं होगी।

अगली बैठक: 8 मुख्य मांगों को लेकर अब 25 नवंबर को कैबिनेट मंत्री अनिल विज के साथ साझा मोर्चा की वार्ता होगी।

मुख्य मांगें: 2016 की भर्ती के कर्मचारियों को पक्का करना और पिछले 10 साल का पेंडिंग दिवाली बोनस देना सबसे प्रमुख है।
 

हरियाणा में बसों से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बहुत बड़ी और सुकून देने वाली खबर है। प्रदेश में रोडवेज कर्मचारियों की 5 और 6 नवंबर को होने वाली दो दिवसीय हड़ताल फिलहाल टल गई है। बुधवार को चंडीगढ़ सचिवालय में सरकार के आला अधिकारियों और रोडवेज यूनियन के बीच करीब साढ़े 4 घंटे तक मैराथन बैठक चली, जिसके बाद त्योहारों के मद्देनजर जनहित में चक्का जाम स्थगित करने का फैसला लिया गया है। अब प्रदेश भर के सभी रूटों पर बसें सामान्य रूप से चलेंगी।

अधिकारियों से बनी सहमति, अब 25 नवंबर को मंत्री विज से सीधा संवाद

परिवहन विभाग के डीजी निखिल गजराज और कमिश्नर अतुल द्विवेदी के पत्र पर 12 रोडवेज यूनियनों के साझा मोर्चा के पदाधिकारी वार्ता के लिए चंडीगढ़ पहुंचे थे। ऑल हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ के प्रधान अशोक खोखर ने बताया कि अधिकारियों के साथ हुई लंबी बातचीत में कई मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई है।

चूंकि कई बड़े मुद्दों पर सरकार के स्तर पर नीतिगत फैसले होने हैं, इसलिए अधिकारियों के साथ सहमति बनी है कि अब 25 नवंबर को सीधे परिवहन मंत्री अनिल विज के साथ टेबल पर बातचीत की जाएगी। यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस समय त्योहारी सीजन पीक पर है, ऐसे में बसें बंद रहने से आम जनता को भारी परेशानी होती, इसलिए फिलहाल हड़ताल को टाल दिया गया है।

2016 के कर्मचारियों को पक्का करने और 10 साल के बोनस की मांग

आपको बता दें कि रोडवेज कर्मचारी मुख्य रूप से साल 2016 की भर्ती वाले कर्मचारियों को पक्का (Regular) करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही पिछले एक दशक से रुके हुए दिवाली बोनस को जारी करने की भी पुरजोर मांग है।

सरकार फिलहाल कर्मचारी यूनियनों को लेकर काफी दबाव में है। इससे पहले बिजली कर्मचारियों ने भी 22 अक्टूबर से हड़ताल शुरू की थी, जिसके मात्र 45 घंटे बाद ही सरकार बैकफुट पर आ गई थी और बिजली सप्लाई का पैरेलल प्राइवेट लाइसेंस देने का फैसला वापस लेना पड़ा था। रोडवेज कर्मचारियों को भी उम्मीद है कि 25 नवंबर को मंत्री अनिल विज के साथ होने वाली बैठक में उनकी इन पेंडिंग 8 मांगों का कोई पक्का समाधान निकल जाएगा। फिलहाल कल से बस स्टैंड्स पर यात्रियों को बसों के लिए कोई इंतजार नहीं करना पड़ेगा।