हरियाणा सरकार ने सफाई कर्मचारी यूनिन को कल बातचीत का भेजा न्योता, 11 दिनों से लगे पड़े है कूड़े के ढेर 

 

हरियाणा में पिछले 11 दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल ने शहरों की सूरत बिगाड़ कर रख दी है। सड़कों, कॉलोनियों और चौराहों पर लगे कचरे के ढेरों के कारण आम जनता का बुरा हाल है। पूरे प्रदेश में लगभग 14 हजार टन से ज्यादा कूड़ा लावारिस पड़ा है, जिससे भयंकर बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है। 

प्रदेश में सफाई व्यवस्था के पूरी तरह से ठप होने और जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए आखिरकार हरियाणा सरकार पूरे एक्शन में आ गई है और समाधान निकालने के लिए यूनियन को बातचीत का न्योता भेजा है।

इस गंभीर संकट का हल निकालने के लिए सरकार और सफाई कर्मचारी यूनियन के बीच बुधवार सुबह 11 बजे चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में एक बेहद अहम बैठक होने जा रही है। ताज़ा आधिकारिक अपडेट के अनुसार, इस महत्वपूर्ण वार्ता में हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे। मंत्री विपुल गोयल यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करके बीच का रास्ता निकालने का प्रयास करेंगे ताकि प्रदेश की सड़कों से जल्द से जल्द कूड़ा उठना शुरू हो सके।

नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री के नेतृत्व में यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल इस बैठक में हिस्सा लेगा। कर्मचारियों का रुख वार्ता से पहले काफी सख्त नजर आ रहा है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में ठेका प्रथा को पूरी तरह से समाप्त करना, कच्चे और अस्थायी कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेकर पक्का करना, और न्यूनतम 30 हजार रुपये वेतन लागू करना शामिल है। इसके अलावा आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की भी प्रमुख मांग रखी जाएगी।

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प्रदेश भर की निगाहें बुधवार सुबह होने वाली इस बैठक पर टिकी हुई हैं। 30 हजार से अधिक सफाई और दमकल कर्मचारियों ने फिलहाल अपनी इस हड़ताल को 14 मई तक के लिए आगे बढ़ाया हुआ है। यूनियन के नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार के साथ होने वाली इस बैठक में उनकी मांगों पर कोई ठोस और लिखित सहमति नहीं बनती है, तो वे इस हड़ताल को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल देंगे। अब देखना यह है कि मंत्री विपुल गोयल कर्मचारियों को मनाने में सफल होते हैं या प्रदेश की जनता को गंदगी के बीच और दिन गुजारने पड़ेंगे।