बिजली दरों में बढ़ोतरी से उद्योगों पर 2300 करोड़ का बोझ, व्यापार मंडल ने जताई चिंता
सिरसा में हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल की एक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने की। बैठक में बिजली दरों में बढ़ोतरी और टैक्स संबंधी मुद्दों पर गहरी चिंता जताई गई।
बजरंग गर्ग ने कहा कि हरियाणा सरकार ने उद्योगों पर फिक्स चार्ज 165 रुपये से बढ़ाकर 290 रुपये कर दिया है, जिससे उद्योगों पर करीब 2300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इससे प्रदेश में उद्योगों के ठप्प होने की आशंका बढ़ गई है।
बिजली की बढ़ी दरों से उद्योग कर रहे पलायन
बजरंग गर्ग ने कहा कि पहले से ही हरियाणा में व्यापार व उद्योग पिछड़ रहे हैं। राज्य की कई राइस मिल और कॉटन मिल पड़ोसी राज्यों में पलायन कर चुकी हैं। अब सरकार ने रिहायशी व कमर्शियल उपभोक्ताओं पर भी बिजली दरें बढ़ाकर आमजन पर सीधा आर्थिक बोझ डालने का काम किया है।
‘फिक्स चार्ज’ को खत्म करने की मांग
गर्ग ने यह भी बताया कि जब कोई उद्योगपति नया कनेक्शन लेता है तो वह ट्रांसफार्मर, तार और पोल का खर्च स्वयं वहन करता है, ऐसे में फिक्स चार्ज का कोई औचित्य नहीं है। सरकार को बिजली खपत के अनुसार ही बिल वसूलना चाहिए।
जनता पर बढ़ता टैक्स बोझ
बजरंग गर्ग ने जीएसटी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले जिन वस्तुओं पर 5% वैट लगता था, अब उन पर 28% तक जीएसटी लगाया जा रहा है। उन्होंने दूध, दही, आटा, कपड़े, चीनी जैसी आम जरूरत की चीजों पर टैक्स लगाने को गरीब विरोधी कदम बताया।
व्यापारियों ने दिया समर्थन
बैठक में अन्य व्यापारी प्रतिनिधियों ने भी बजरंग गर्ग के विचारों का समर्थन किया और उन्हें फूल-मालाओं से सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव हीरालाल शर्मा, शहरी प्रधान कीर्ति गर्ग, सुधीर ललित, अश्वनी बांसल, संदीप मिड्ढा, भीम सिंगला और अन्य व्यापारियों ने अपने विचार साझा किए।
हरियाणा में उद्योग पलायन
Q1: हरियाणा में बिजली दरों में कितनी बढ़ोतरी की गई है?
Ans: सरकार ने उद्योगों के फिक्स चार्ज को 165 रुपये से बढ़ाकर 290 रुपये कर दिया है।
Q2: इसका प्रभाव किस पर सबसे ज्यादा पड़ेगा?
Ans: इससे सबसे अधिक असर उद्योगपतियों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
Q3: बजरंग गर्ग ने सरकार से क्या मांग की?
Ans: उन्होंने बिजली दरों की बढ़ोतरी वापिस लेने, फिक्स चार्ज समाप्त करने, और GST दरों को कम करने की मांग की।
Q4: क्या व्यापार मंडल सरकार के खिलाफ कोई आंदोलन करेगा?
Ans: फिलहाल बैठक में केवल चिंता जाहिर की गई है, लेकिन यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आगे रणनीति बनाई जा सकती है।