हरियाणा रोडवेज हड़ताल, हिसार में चक्का जाम का फैसला वापस, आज से सभी रूटों पर सामान्य चलेंगी बसें

 

हिसार। अपनी लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार शाम हिसार में रोडवेज कर्मचारियों ने जीएम कार्यालय का घेराव कर दिया, जिससे बसों के पहिए थम गए और यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। हालात बिगड़ने पर देर रात चंडीगढ़ से आए ज्वॉइंट डायरेक्टर राजेश पूनिया के साथ बातचीत हुई। 

रात करीब पौने एक बजे उन्होंने 15 दिन के भीतर मांगें पूरी करने का भरोसा दिया, जिसके बाद कर्मचारियों ने शनिवार से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन चक्का जाम वापस ले लिया है। अब शनिवार से सभी रूटों पर बस सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं।

शुक्रवार शाम रोडवेज सांझा मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारी धरने पर बैठ गए थे। विरोध इतना तेज था कि चालकों और परिचालकों ने काम छोड़ दिया। डिपो से बसें बाहर नहीं निकलीं, जिसका सीधा असर ग्रामीण रूटों पर पड़ा और मुसाफिर बस स्टैंड पर ही फंसे रह गए। बस स्टैंड पर किसी भी तरह के टकराव से बचने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी थी कि वे रात 3:40 बजे से पूरी तरह बेमियादी चक्का जाम शुरू कर देंगे। इससे पहले जिला प्रशासन की तरफ से एसडीएम मौके पर पहुंचीं। उन्होंने यूनियन नेताओं से बातचीत कर मामले को सुलझाने के लिए एक महीने का समय मांगा था। लेकिन कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया और अपनी मांगों पर अड़े रहे।

मामला बढ़ता देख देर रात चंडीगढ़ से ज्वॉइंट डायरेक्टर राजेश पूनिया हिसार पहुंचे। यूनियन नेताओं के साथ उनकी शुरुआती बातचीत बेनतीजा रही। इसके बाद रात पौने एक बजे दूसरे दौर की बैठक हुई। इसमें पूनिया ने भरोसा दिया कि कर्मचारियों की सभी लंबित मांगें 15 दिनों के अंदर पूरी कर दी जाएंगी और एसीआर से जुड़ी दिक्कतें मंगलवार तक सुलझा ली जाएंगी। 

जींद: बस रुकवाने को लेकर छात्रा और रोडवेज इंस्पेक्टर में तीखी बहस, FIR की धमकी के बाद DI पर गिरी गाज

इस ठोस भरोसे के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल और चक्का जाम का फैसला वापस ले लिया। हालांकि, यूनियन नेताओं ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें जमीन पर पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा। अगर तय समय में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन दोबारा तेज कर दिया जाएगा।