गांव रूपावास में जलघर की डिग्गियों में गाद जमी, ग्रामीणों ने की सफाई की मांग.

ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया, तो डिग्गियों का पानी पूरी तरह सूख सकता है।
 
ग्रामीण निहाल सिंह ने बताया जलघर की टंकियों की सफाई को लगभग नौ साल हो चुके हैं।

 

 

सिरसा (हरियाणा) : हरियाणा के सिरसा जिले के गांव रूपावास में जल आपूर्ति से जुड़े एक गंभीर मुद्दे ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गांव के जलघर की डिग्गियों में नहरबंदी के चलते पानी की मात्रा बेहद कम रह गया है और डिग्गियों में करीब 3 फीट तक गाद जम चुकी है। इससे न केवल पानी दूषित  हो रहा है, बल्कि पानी में जीव-जंतुओं के जीवन पर भी खतरा मंडरा रहा है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया, तो डिग्गियों का पानी पूरी तरह सूख सकता है। इससे न केवल मछलियों, मेंढक व अन्य जलीय जीवों की मृत्यु हो सकती है, बल्कि गंदगी के कारण गांव में गंभीर बीमारियां फैलने का भी खतरा है। ग्रामीणों ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए ग्राम पंचायत और जन स्वास्थ्य विभाग से तुरंत डिग्गियों की सफाई कराने की मांग की है।

 

ग्रामीणों बोले: पानी आने से पहले हो सफाई

ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नहर में पानी छोड़े जाने से पहले जलघर की दोनों डिग्गियों का पानी किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि सफाई कार्य बिना किसी रुकावट के संपन्न हो सके। उनका तर्क है कि यदि नहर का पानी गंदे और गाद से भरे टैंकों में डाला गया, तो वह भी दूषित हो जाएगा और इससे पूरे गांव की जलापूर्ति प्रभावित होगी।

लंबे समय से नहीं हुई सफाई

ग्रामीण निहाल सिंह ने बताया जलघर की टंकियों की सफाई को लगभग नौ साल हो चुके हैं। विशेषज्ञों और सरकारी मानकों के अनुसार, इस तरह की जल संरचनाओं की सफाई हर दो से तीन साल में एक बार अनिवार्य रूप से होनी चाहिए ताकि जल स्रोत साफ और सुरक्षित बने रहें। मगर रूपावास गांव में इस नियम की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।

ग्राम पंचायत और जनस्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी

ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि यह पूरी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और जन स्वास्थ्य विभाग की है कि वे समय पर जलघर की डिग्गियों की सफाई सुनिश्चित करें। गांव के लोगों का कहना है कि हर गर्मियों में उन्हें जल संकट से जूझना पड़ता है, और अब गाद की समस्या ने इसे और गंभीर बना दिया है।