करनाल के सुभरी गांव में जोहड़, पंचायती व फिरनी पर कब्जाधारियों के घरों पर चला पीला पंजा

 

करनाल। करनाल जिले के सुभरी गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जोहड़ (तालाब) और फिरनी की सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जों को बुलडोजर से ढहा दिया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान गांव के करीब 60 घरों के आगे बने रैंप, चबूतरे और पक्के निर्माण को तोड़ा गया। प्रशासन का पीला पंजा चलने से सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों में हड़कंप का माहौल है।

पिला निशान लगाते ही गरजने लगी जेसीबी मशीनें

कार्रवाई शुरू करने से पहले संबंधित विभाग की टीमों ने पूरे इलाके की पैमाइश कर निशानदेही की। जिन-जिन मकानों का हिस्सा फिरनी या जोहड़ की सरकारी जमीन के अंदर पाया गया, वहां पिले रंग के निशान लगाए गए। निशानदेही का काम पूरा होते ही प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध हिस्सों को गिराने का काम शुरू कर दिया।

15 साल से ज्यादा पुराने थे कब्जे, सड़क तक दबाए थे मकान

सुभरी गांव में लोगों ने कई-कई फुट जगह को अपने घरों के अंदर दबाया हुआ था। जानकारी के अनुसार यह अवैध कब्जे 15 साल से भी ज्यादा समय से बने हुए थे। मकान मालिकों ने फिरनी (गांव के चारों ओर का रास्ता) और जोहड़ की जमीन तक अपने लेंटर, छज्जे, दीवारें और खिड़कियां निकाल रखी थीं। इसके कारण सार्वजनिक रास्तों की चौड़ाई लगातार कम होती जा रही थी। प्रशासन ने बिना किसी भेदभाव के निशानदेही के दायरे में आए हर निर्माण को तोड़ दिया।

पुलिस छावनी में तब्दील रहा पूरा गांव

कब्जे हटाने के दौरान किसी भी तरह के विरोध, हंगामे या तनाव से निपटने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी की हुई थी। गांव में चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिस अधिकारियों की सख्त निगरानी के चलते तोड़फोड़ की यह कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई और लोगों को अपने अवैध निर्माण खुद या फिर बुलडोजर से टूटते हुए देखने पड़े।